राजस्थान पत्रिका के चेंज मेकर्स अभियान के तहत बुधवार को जेपी चौक के निकट स्थित एक हॉल में परिचर्चा हुई।
श्रीकरणपुर.
राजस्थान पत्रिका के चेंज मेकर्स अभियान के तहत बुधवार को जेपी चौक के निकट स्थित एक हॉल में परिचर्चा हुई। अध्यक्षता समाजसेवी बलदेव सैन ने की। इसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और युवा शामिल हुए। वक्ताओं ने पत्रिका के अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे भ्रष्टाचार व अपराध मुक्त राजनीति स्थापित होगी। वहीं वंशवाद, जातियता, साम्प्रदायिकता व धनबल से हो रही राजनीति से छुटकारा मिलेगा।
रेल संघर्ष समिति संयोजक व समाजसेवी बलदेव सैन ने कहा कि जनता को गुमराह कर राजनीति में ऐसे चालाक व कपटी लोग अपना पैर जमा चुके हैं जो देश को खोखला करने में लगे हैं। इन्हीं लोगों की वजह से हर जगह भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी का बोलबाला है। देश की वर्तमान दशा को देखते हुए राजस्थान पत्रिका का चेंज मेकर्स अभियान एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि यदि युवा व अच्छी सोच वाले लोग इस क्षेत्र में आगे आएंगे तो निश्चित ही स्वच्छ राजनीति का सूत्रपात होगा।
भारत विकास परिषद के प्रांतीय पदाधिकारी व व्यवसायी संदीप गोयल ने कहा कि महान राजनीतिज्ञ चाणक्य के मुताबिक जिस देश का युवा राजनीति में नहीं आएगा उस देश का पतन होना तय है। बरसों से राजनीति कर रहे नेता खुद राजनीति करना चाहते हैं लेकिन दूसरों से राजनीति की बुराई करते हैं। गोयल ने कहा कि बदलाव की शुरूआत हमें खुद से करनी होगी। भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त राजनीति के लिए राजस्थान पत्रिका के चेंज मेकर्स अभियान से जुड़कर युवाओं को आगे आना चाहिए।
अरोड़वंश युवा टीम प्रभारी संदीप सेठी ने कहा कि आज का युवा राजनीति को उम्रदराज लोगों का काम मानता है। लेकिन उनका ऐसा सोचना गलत है। भ्रष्ट व कुटिल राजनीति में बदलाव लाने के लिए युवाओं को अपनी सोच बदलकर आगे आना होगा। सेठी ने कहा कि एक पार्टी विशेष को अपना 'भगवानÓ मानकर उसके किसी भी प्रतिनिधि को मतदान करना समाज के हित में नहीं है। उन्होंने युवाओं को पत्रिका की मुहिम से जुड़कर सच्चे देशभक्त की भांति राजनीति से गंदगी दूर करने की बात कही।
पूर्व पालिकाध्यक्ष जुगल किशोर ने कहा कि वंशवाद, जातियता व धनबल स्वच्छ राजनीति में एक बड़ी बाधा है। देश को अपराध व भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए हमें ऐसी चीजों से दूर होकर सोचना होगा। बड़ी बात है कि राजस्थान पत्रिका इसके लिए मंच प्रदान कर रही हे। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले राजस्थान में काला कानून लागू करने की कोशिश की गई लेकिन राजस्थान पत्रिका ने हिम्मत दिखाकर राज्य को बचा लिया।
बैठक में अनिल रस्सेवट, रचित डंग, हरि अनुपानी, शैलेष डंग, साहिल अरोड़ा, चरणजीत सिंह, राजीव वाट्स, सुरेश अग्रवाल, हरीश गुम्बर, शिक्षक जगदीश वर्मा, मनोज नागपाल, नीरज नागपाल, विकास बाना, सोमनाथ डंग, सोनू चावला, शरद गुम्बर सहित अन्य कई नागरिकों ने राजस्थान पत्रिका के अभियान की सराहना करते हुए चेंज मेकर्स का हिस्सा बनने का संकल्प लिया।