श्री गंगानगर

शहरवासी आशंकित पेयजल में टर्बिडिटी दस गुणा बढ़ी

-समस्या:पंजाब में बाढ़ के कारण यहां पर पानी की गुणवत्ता प्रभावित
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  • श्रीगंगानगर.पंजाब में आई बाढ़ की वजह से गंगनहर,भाखड़ा और इंदिरा गांधी नहर में पानी में टर्बिडिटी 10 गुना अधिक बढ़ गई है, जिससे पानी की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ रहा है। यह समस्या जिला मुयालय के जवाहनगर सेक्टर नंबर सात सहित पूरे शहर में देखी जा रही है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रकी विभाग के अधिशासी अभियंता शहर मोनिंदरजीत सिंह का कहना है कि सामान्य दिनों में इन नहरों का पानी 100 से 125 टर्बिडिटी यूनिट्स (एनटीयू) के बीच होता है, जिसे उपचारित करने के बाद पानी पिया जा सकता है, लेकिन वर्तमान में पानी में 1000 एनटीयू की टर्बिडिटी दर्ज की गई है, जो काफी अधिक है। अत्यधिक गंदलापन पानी में मिट्टी के कणों के कारण हो रहा है, जो पानी में नीचे जम जाते हैं। हालांकि यह मिट्टी हानिकारक नहीं है और पानी को दूषित नहीं मानना चाहिए, फिर भी अधिक टर्बिडिटी के कारण स्वच्छता प्रभावित हो रही है।

जांचे पानी के नमूने

  • शहरवासियों की शिकायतों पर सहायक अभियंता नेहा खेमका और लैब कर्मचारी सुभाष कुमार की टीम ने शहर के जवाहरनगर क्षेत्र में पानी के नमूनों की जांच की तो पाया कि पानी की गुणवत्ता तो सामान्य है, लेकिन टर्बिडिटी का स्तर अत्यधिक है। वहीं शहर के लोगों का कहना है कि इन दिनों पानी की गुणवत्ता सही नहीं होने से जलजनित बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है।

मानक से कई गुना

  • टर्बिडिटी पानी के धुंधलेपन का माप होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों के अनुसार पीने के पानी में टर्बिडिटी 5 एनटीयू से अधिक नहीं होनी चाहिए और आदर्श रूप से एक एनटीयू से कम होनी चाहिए, जबकि वर्तमान में जो पानी आ रहा है, उसकी टर्बिडिटी इस मानक से कई गुना अधिक है।
Updated on:
11 Sept 2025 12:12 pm
Published on:
11 Sept 2025 12:10 pm