श्री गंगानगर

मंडी के गेट को किया बंद

-गेहूं उठाव नहीं होने पर थे आक्रोशित व्यापारी व किसान
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Updated: 1 May 2018, 9:00 AM IST
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श्रीबिजयनगर.

नई धान मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद के तहत गेहूं का उठाव कार्य नहीं होने से आक्रोशित व्यापारियों व किसानों ने संयुक्त रूप से सोमवार को मण्डी के दोनों गेटों पर ताला जड़ दिया। इससे श्रीबिजयनगर व रायसिंहनगर रोड पर करीब दो घण्टे तक जाम लगा रहा। इसके बाद में व्यापारियों व किसानों में बैठक हुई। इसमें हुए समझौते के बाद मण्डी के गेट खोल दिया गया। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह व जिला प्रवक्ता रघुवीर चौधरी ने बताया कि भारतीय किसान संघ, व्यापार मंडल, व्यापार संघ, व्यापार मंडल, संघ ट्रक यूनियन, ट्रैक्टर ट्रॉली यूनियन, ट्रक यूनियन ने सामूहिक रूप से कृषि उपज मंडी समिति में गेहूं के उठाव को तेज करने की मांग को लेकर मण्डी समिति के दोनों गेटों को बंद कर समस्त संगठनों के पदाधिकारी धरने पर बैठ गए।

सोमवार सुबह करीब दस बजे शुरू हुआ धरना दोपहर करीब दो बजे तक जारी रहा। भीषण गर्मी होने के बावजूद किसान व्यापारी, मजदूर धरने पर ही रहे । बाद मेें धरनास्थल पर एफसीआई के अधिकारियो ने वार्ता की। लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ सकी। इसके बाद कृषि उपज मंडी में बैठक हुई। इसमें मजदूरों की सहमति नहीं होने से एक बार फिर वार्ता विफल रही। तीसरे दौर की वार्ता व्यापार मंडल भवन में आयोजित की गई जिसमें आरटीसी या रैक लोड होने पर 30 प्रतिशत गेहूं सीधे नई धान मंडी से उठाने, उठाव व लिफ्टिंग में पूरा सहयोग करने, 2 मई से मंडी में शैड में कैप लगाने, रैक को उसी दिन व नियमित समय पर भरने पर सहमति बनी। जिसके बाद सभी संगठनों ने सर्वसम्मति से 2 मई तक धरना समाप्त करने की घोषणा की ।


धरना व वार्ता में ये रहे उपस्थित
धरना स्थल पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष विकास मिड्ढ़ा, व्यापार संघ अध्यक्ष नन्दलाल मोहता, व्यापार मंडल, संघ ट्रक यूनियन प्रधान , भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह, जिला प्रवक्ता रघुवीर चौधरी, सन्तलाल स्वामी, रतन लाल, बलविन्द्र सिंह, राजाराम, गुरतेज सिंह, बाबा ज्ञान चंद सहित अन्य व्यापारी, किसान, मजदूर उपस्थित रहे ।


खरीदे 9 लाख, उठाव पौने तीन लाख
एफसीआई के गुणवता निरीक्षक ने बताया कि मंडी समिति मे एफसीआई कि और से 29 अप्रेल तक 9 लाख बैग गेहूं की खरीद की जा चुकी है वहीं दूसरी और उठाव केवल 2.73 लाख बैग का ही हुआ है । भुगतान पर नजर डाले तो 29 अप्रेल तक 9 करोड़ 38 लाख का भुगतान हुआ है।