
- क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने दस माह बाद भेजी रिपोर्ट
श्रीगंगानगर. सूरतगढ़ सब क्रिटिकल थर्मल की इकाइयों के बॉयलर लाइटअप के दौरान काम आने वाले लाइट डीजल ऑयल (एलडीओ) की जगह पानी भरा होने की पुष्टि हुई है। थर्मल चौकी पुलिस ने गत वर्ष 27 मार्च को एलडीओ से भरे दो टैंकर पानी की मिलावट के संदेह में थर्मल गेट के बाहर रोके थे। यह दोनों टैंकर गुजरात के जामनगर से एलडीओ लेकर थर्मल पहुंचे थे।
जिला रसद अधिकारी राकेश सोनी ने बताया कि दोनों टैंकरों के दस कम्पाउंड से कुल तीस सैम्पल लिए गए। इनमें से ए-1 से लेकर जे-1 तक दस सैम्पल क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला जोधपुर को जांच के लिए भिजवाए गए थे। अब उनकी रिपोर्ट मिल गई है। उन्होंने बताया कि सैम्पल नंबर ए-1, बी-1, ई-1 और आई-1 की जांच में पानी होना साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि सैम्पल की जांच रिपोर्ट जिला कलक्टर को सौंप दी गई है। इस पर आगामी आदेश वही करेंगे।
सूरतगढ़ थर्मल में 1500 मेगावाट की सब क्रिटिकल परियोजना की इकाइयों के बॉयलर लाइटअप के दौरान काम आने वाले करीब 48 हजार लीटर एलडीओ से भरे दो टैंकरों को मिलावट के संदेह में रोकने के बाद थर्मल पुलिस चौकी के प्रभारी ने इसकी सूचना जिला रसद अधिकारी के साथ थर्मल प्रशासन को दी। सूचना मिलने पर जिला रसद अधिकारी राकेश सोनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए, लेकिन फ्यूल ऑयल की जांच के लिए थर्मल की तकनीकी टीम ने गेट से बाहर आकर जांच करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। तकनीकी टीम के बाहर आकर जांच में सहयोग से मना करने पर जिला रसद अधिकारी टैंकर चालकों से बिल्टी सहित अन्य दस्तावेज लेकर श्रीगंगानगर लौट आए।
कलक्टर के हस्तक्षेप से सैम्पल-------------------
जिला रसद अधिकारी ने यह मामला तत्कालीन जिला कलक्टर के संज्ञान में लाया तो उन्होंने थर्मल प्रशासन से बात कर जांच में सहयोग के निर्देश दिए। जिला कलक्टर के आदेश पर थर्मल की तकनीकी टीम गेट से बाहर आकर सहयोग को तैयार हो गई। जिला रसद अधिकारी और उनकी टीम ने 1 अप्रैल 2023 को टैंकरों की जांच की तो उनमें पांच-पांच कम्पाउंड बने हुए थे और उनमें एलडीओ भरा हुआ था। प्रत्येक खंड से एक-एक कर कुल दस सैम्पल लेकर उन्हें जांच के लिए क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला जोधपुर भिजवाया गया। रसद विभाग ने दोनों टैंकरों में भरे लाइट डीजल ऑयल के सैम्पल लिए तब जिन ट्रांसपोर्ट कंपनियों के टैंकर थे, उनके मालिक भी मौजूद रहे।
मुकदमा दर्ज करवाया-----------------
टैंकरों में भरे एलडीओ के सैम्पल लेते समय डीप रोड पर वाटर फाइंडिंग पेस्ट लगाकर जांच की थी तो पानी की मिलावट की पुष्टि हो गई थी। इसके बाद जिला रसद अधिकारी कार्यालय के प्रवर्तन निरीक्षक धर्मपाल की ओर से पेश किए गए परिवाद पर राजियासर थाना पुलिस ने टैंकर नंबर आरजे 13 जीबी 5659 के चालक राजियासर निवासी नारायणसिंह पुत्र बजरंगसिंह राजपुरोहित व ट्रक नंबर आरजे 14 जीएच 5574 के चालक झुंझुनूं जिले के गांव झाझड़ निवासी भवानीसिंह पुत्र सहदेव सिंह राजपूत के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 व सहपठित धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया था।
सवाल जो जवाब मांगता है-------------------
थर्मल की इकाइयों के बॉयलर लाइटअप के दौरान काम आने वाले लाइट डीजल ऑयल (एलडीओ) लेकर आने वाले टैंकर थर्मल परियोजना में प्रवेश कर जाते हैं तो तकनीकी समिति की निगरानी में उनकी जांच होती है। इस समिति में दो इंजीनियर, एक कैमिकल इंजीनियर व फ्यूल प्रभारी शामिल होते हैं। अगर टैंकरों के चार कम्पाउंड में पानी भरा हुआ होने की पुष्टि क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच में हुई है तो यह सवाल उठता है कि यह मिलावट कहां हुई। मिलावट के इस खेल में कौन लोग शामिल हैं इसका खुलासा पुलिस और जिला रसद अधिकारी की जांच में होना चाहिए।