जवाहर मार्केट में एक ज्वैलर्स के यहां हुई कथित लूट की वारदात दूसरी जांच में भी फर्जी पाई गई है।
श्रीगंगानगर.
जवाहर मार्केट में एक ज्वैलर्स के यहां हुई कथित लूट की वारदात दूसरी जांच में भी फर्जी पाई गई है। दोनों जांचों में पुलिस ने निष्कर्ष निकाला है कि ज्वैलर्स ने 19 करोड़ रुपए बीमा राशि पाने के लिए यह कहानी गढ़ी।पहले कोतवाली पुलिस ने जांच की थी और इसके बाद जांच बीकानेर के खाजूवाला डीएसपी को सौंपी गई थी।
गौरतलब है कि जवाहर मार्केट स्थित सेतिया ज्वैलर्स के मालिक हरबंशलाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 अप्रेल रात करीब नौ बजे उसके शोरूम पर कुछ नकाबपोश बदमाश आए और उसके सिर में चोट मारकर बेहोश कर दिया।इसके बाद बदमाश वहां से लाखों के जेवर आदि ले गए। पुलिस ने मौका-मुआयना किया, आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आसपास मौजूद लोगों के बयान लिए।
ऋण 12 करोड़, बीमा 19 करोड़
बैंक से फर्म का ऋण व बीमा संबंधी रिकॉर्ड लिया गया। जांच में सामने आया कि सेतिया ज्वैलर्स पिछले काफी समय से घाटे में था। फर्म ने पीएनबी से करीब साढ़े 12 करोड़ रुपए ऋण ले रखा है। वहीं, करीब 19 करोड़ रुपए का बीमा करवा रखा है, जिसकी अवधि मई-जून 2017 में समाप्त हो रही थी। लोगों व बैंक देनदारी चुकाने तथा बीमा राशि प्राप्त करने की गरज से ही लूट की मनगढं़त कहानी रची गई। परिवादी के संतुष्ट नहीं होने पर जांच आईजी बीकानेर के यहां भेजी गई। उन्होंने मामले की जांच खाजूवाला डीएसपी इस्माइल खान को सौंप दी। इसमें भी 19 करोड़ का बीमा पाने के लिए लूट की झूठी कहानी बनाना का खुलासा हुआ।
डीएसपी ने जांच रिपोर्ट आईजी को सौंपी और आईजी ने यहां एसपी को भेजी है। एसपी ने मामला कोतवाली थाने में भेज दिया।
जांच में यह आया सामने
घटना के बाद सीसीटीवी कैमरे बंद थे। स्टाफ को संडे को जब भी शोरूम खोलता था तो उन्हें बुलाया जाता था लेकिन घटना के दिन नहीं बुलाया गया। बाजार में चौकीदार ने बयान दिया कि वह रात नौ बजे हरबंशलाल के शोरूम गया था, तब सब ठीक था। हरबंश ने सिर में चोट मारने से बेहोश होने की बात कही थी। डॉक्टरों ने चोट से इनकार किया और जब अस्पताल लाया गया तो होश में था।
अब 182 के तहत कार्रवाई
- पहले हुई जांच में भी मामला झूठा पाया गया था और अब डीएसपी की जांच में भी 19 करोड़ के बीमा के लिए लूट की झूठी कहानी बनाने का खुलासा हुआ है। इसके खिलाफ 182 के तहत कोर्ट में इस्तगासा पेश किया जाएगा।
राहुल यादव, थाना प्रभारी, कोतवाली श्रीगंगानगर।