श्री गंगानगर

डिलीवरी के दौरान पार्षद की पुत्रवधू की मौत

-हंगामे की सूचना पर दौड़ी पुलिस-चिकित्सक के बिगड़े बोल ने बिगाड़ा माहौल
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Updated: 1 May 2018, 7:26 AM IST
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श्रीगंगानगर.

मटका चौक के पास संतोषी माता रोड पर जैन नर्सिंग होम में सोमवार को प्रसूता की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई। मृतका प्रीति रानी वार्ड 48 के पार्षद चन्द्रभान सिवान की पुत्रवधू थी। सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे विवाहिता की मौत की सूचना परिचितों को मिली तो वे चिकित्सक से मौत का कारण जानने पहुंच गए।चिकित्सक ने सावंत्ना देने के बजाय कहा कि जो कुछ करना है कर लो, हमने तो अपने स्तर पर सारी कोशिश की थी। चिकित्सक के यह बोलने की देर थी कि वहां खड़े मृतका के परिचित चिकित्सक से मारपीट करने पर उतारू हो गए। मौके पर मौजूद डॉ.भरतपाल मय्यर और पार्षद पति कश्मीरीलाल इंदौरा ने रोक लिया। लेकिन वहां एक नर्सिग कर्मी के बीच बचाव करने पर भीड़ में से कुछ लोगों ने उससे थापामुक्की कर दी।

यह चिकित्सक नर्सिंग के सटे अपने घर की चारदीवारी से ही जवाब दे रहा था। गुस्साए परिजन उसे मारने के लिए घर की चारदीवारी लांघने का प्रयास करने लगे लेकिन सफल नहीं हो पाए। इस बीच सूचना मिलने पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने आक्रोशित लोगों से समझाइश की। सीआई हनुमानाराम के समक्ष पार्षद चन्द्रभान सिवान ने चिकित्सक दंपती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। मौके पर पहुंचे लोगों में धानमंडी मजदूर यूनियन के किशोरीलाल सिवान सहित बड़ी संख्या लोग मौजूद थे।


डिलीवरी के बाद बिगड़ी हालत
पति विक्की सिवान ने बताया कि प्रीति को सोमवार सुबह करीब ग्यारह बजे इस नर्सिग होम में भर्ती कराया गया था। दोपहर करीब दो बजे डिलीवरी भी हुई लेकिन उसके पन्द्रह मिनट बाद हालत बिगडऩे लगी। चिकित्सकों का कहना था कि बच्चेदानी से खून बहने लगा है, ऐसे में बच्चेदानी निकालनी होगी। ऑपरेशन थिएटर ले गए लेकिन वहां वेन्टीलेटर नहीं था। सिवान ने आरोप लगाया कि इस नर्सिग होम में सुविधा नहीं थी, इसके बावजूद चिकित्सक दावा करते रहे कि नॉर्मल डिलीवरी होगी लेकिन बच्चे का वजन करीब चार किलोग्राम था, ऐसे में ऑपरेशन के बावजूद प्रीति की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। प्रीति फतेहाबाद की थी, उसकी शादी वर्ष 2009 में हुई। डेढ़ साल पहले भी उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई थी।

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