
श्रीगंगानगर.
तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2018 में चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रही। शहर के गगनपथ स्थित श्री अरोड़वंश पब्लिक स्कूल में हुए दस्तावेज सत्यापन के दूसरे दिन 250 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इनमें से 229 अभ्यर्थी उपस्थित हुए जबकि 21 अनुपस्थित रहे।
ग्यारह काउंटरों पर हुई व्यवस्था
अभ्यर्थियों को दस्तावेज तैयार करवाने के लिए ग्यारह काउंटर लगाए गए। इन ग्यारह काउंटरों पर उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के बारे में बताया गया। जिन लोगों के दस्तावेज अधूरे थे उन्हें दस्तावेज पूरे करने में जिला परिषद कर्मियों ने सहयोग किया। यहां दस्तावेज तैयार होने के बाद अभ्यर्थियों को अगले चरण में भेजा गया। अगले चरण दस्तावेज जांचे गए। दस्तावेज सत्यापन के लिए विभिन्न कर्मचारियों को ड्यूटियां दी गईं। सुबह से दस्तावेज सत्यापन स्थल पर लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। दोपहर बाद तक स्कूल परिसर में अभ्यर्थी जमा थे।
हटाने गए थे अतिक्रमण, फेरा लगा वापस लौटे
- शिव चोक से राजकीय जिला चिकित्सालय तक अस्थायी अतिक्रमण हटाने का मामला
श्रीगंगानगर। शिव चौक से राजकीय जिला चिकित्सालय तक नेशनल हाइवे के दोनों साइडों में दुकानदारों की ओर से दुकानों के आगे भवन निर्माण सामग्री हटाने गया नगर विकास न्यास का अमला बैरंग लौट आया। जिला प्रशासन के आदेश पर यूआईटी का यह अमला दुकानों के आड़े तिरछी रखी गई बजरी, ग्रिट, रेता आदि सामान को वहां से उठाने के लिए गुरुवार शाम को पहुंचा, सख्ती करने की बजाय दुकानदारों की बातें सुनकर वापस लौट आया। न्यास की तहसीलदार स्वाति गुप्ता, एक्सईएन संदीप नागपाल, एईएन मंगतराय सेतिया, जेईएन सुरेन्द्र पूनियंा आदि शामिल थे।
निर्माण सामग्री जब्त करने के लिए बकायदा किराये की ट्रेक्टर ट्रॉलियां भी ली और शिव चौक के पास पहुंचा। वहां से यह अमला राजकीय जिला चिकित्सालय तक दुकानों के आगे फेरा लगाने के बाद यह दावा करते हुए वापस नगर विकास न्यास कार्यालय में लौट आया कि दुकानदारों से समझाइश की जा चुकी है। दरअसल, न्यास प्रशासन ने दो दिन पहले ही ऐसे अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के लिए अधिकारियों की टीम बनाई थी। सूचना न्यास कार्यालय से लीक हुई तो दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे रखी निर्माण सामग्री को कुछ दिनों के लिए वहां से हटा ली।