सीमावर्ती गांव नग्गी में पहुंचे विभिन्न जिलों के विद्यार्थी
श्रीकरणपुर.
राज्य के हनुमानगढ़, बाडमेर, सीकर, झुंझनू व भरतपुर जिले के करीब दो सौ विद्यार्थी बुधवार को सीमा क्षेत्र के गांव नग्गी पहुंचे। वहां राजकीय उमाविद्यालय में उनका अभिनंदन किया गया।
उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्रीय संस्कृति व रहन-सहन की जानकारी लेने के अलावा सीमा चौकी पर जाकर सीमा सुरक्षा बल की कार्य प्रणाली भी जानी। शहीद स्मारक व दुर्गा मंदिर में 1971 में हुए धोरों के युद्ध की विजयी गाथा सुनकर वे गर्व से भर उठे। इस दौरान सीमा चौकी पर हुए सांस्कृतिक आयोजन में बाहर से आए विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुतियां दी।
दसवीं टॉपर विद्यार्थी पहुंचे भ्रमण पर...
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नग्गी के प्रधानाचार्य शनिटर बिश्नोई ने बताया कि रमसा की ओर से यूथ एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले में दसवीं कक्षा में 50 टॉपर विद्यार्थियों को सीमा क्षेत्र का भ्रमण करवाया जा रहा है। इसी के तहत गांव नग्गी में बुधवार को हनुमानगढ़, बाडमेर, सीकर, झुंझनू व भरतपुर जिलों के 186 विद्यार्थी भ्रमण पर आए। सरपंच बलराजसिंह डीसी, रघुवीर बाना, बबलू झोरड़, महेन्द्र भुंवाल, श्योचंद, सांवता राम व वार्ड पंच शिवभगवान सहित काफी ग्रामीणों ने उनका अभिनंदन किया। सीमा चौकी पर सहायक कमाडेंट रितेश कुमार व निरीक्षक अमित त्रिपाठी ने बल की कार्य प्रणाली के बारे में बताया। प्रधानाचार्य ने बताया कि भ्रमण पर आए विद्यार्थियों ने श्रीगंगानगर क्षेत्र में पंजाबी संस्कृति का प्रभाव देखकर हैरानी जताई।
आज बॉर्डर पर जाएंगे 250 विद्यार्थी
श्रीगंगानगर. यह कार्यक्रम मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत सशक्तीकरण कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है। रमसा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक अनिल स्वामी ने बताया कि पांच जिलों के 250 विद्यार्थी गुरुवार सुबह आ रहे हैं और इससे पहले 12 से 14 फरवरी तक पांच जिलों के विद्यार्थियों ने यहां रहकर विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने के साथ सैनिकों और बॉर्डर के ग्रामीण जनजीवन के बारे में ज्ञान प्राप्त किया। भारत-पाक सीमा को देखने के लिए 15 फरवरी की सुबह उदयपुर ,अलवर,नागौर,चूरू व हनुमानगढ़ के 250 छात्र-छात्राएं बॉर्डर भ्रमण के लिए आ रही हैं।