
श्रीगंगानगर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के जिला मुख्यालय पर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने के लिए आयोजित किए गए रोड शो से भाजपाईयों की रंग उड़ गई है। संगठन स्तर पर भीड़ जुटाने का लक्ष्य साठ हजार का रखा गया था लेकिन आए सिर्फ ढाई हजार लोग। इसमें भी सूरतगढ़, रायसिंहनगर, श्रीकरणपुर, अनूपगढ़ और सादुलशहर के प्रत्याशी अपने साथ तीन से चार सौ के बीच कुल करीब दो हजार लोगों को एकत्र कार्यकर्ता के रूप में लाए थे। लेकिन जिला मुख्यालय से सिर्फ करीब पांच सौ ही कार्यकर्ता आने पर चिंता की लकीरें खड़ी हो गई। प्रत्याशी के पक्ष में जितनी भीड़ होनी चाहिए, उसके अनुरुप यह भीड़ आई तो पार्टी के पदाधिकारी एक दूसरे के मुंंह ताकने लग गए। कई पदाधिकारी तो सीधे सीधे श्रीगंगानगर प्रत्याशी और उसके परिवार की ओर से भीड़ नहीं लाने का आरोप लगाने लगे है। इन पदाधिकारियों का कहना है कि प्रत्याशी के पति ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोई संसाधन तक नहीं भिजवाए है। इस कारण सिर्फ लोकल स्तर पर ही गिनती के लोग आए। इस संबंध में आरएएस के पदाधिकारियों और भाजपा पदाधिकारियों ने जिम्मेदारो की सूची बनाकर जयपुर और दिल्ली हाइकमान तक भिजवाई है। एक पदाधिकारी का कहना था कि अमित शाह के रोड शो फ्लोप करने की गाज पार्टी जिलाध्यक्ष, महामंत्री, नगर मंडल अध्यक्षें, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा आदि पर गिर सकती है। महिला मोर्चा की गिनती की महिलाएं इस रोड शो में आई, इसमें भी सिर्फ शहरी क्षेत्र की अधिक दिखी। यही हाल भाजयुमो, ओबीसी मोर्चा, एससीएसटी मोर्चा का रहा है। सादुलशहर और सूरतगढ़ प्रत्याशी अपने स्तर पर कुछ अधिक भीड़ लाने में कायम रहे।