
श्रीगंगानगर.
बाजार क्षेत्र में एक-एक इंच की जगह कीमती होती है, चार फीट की जगह का मोल भी लाखों में पहुंच जाता है। ऐसे में नगर परिषद प्रशासन की ओर से राहगीरों के लिए सुविधा देने के लिए बनाए गए मूत्रालय भी अतिक्रमियों की भेंट चढ़ गए।
परिषद प्रशासन की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों के अनावश्यक हस्तक्षेप से कब्जाधारकों ने इस सुविधा का स्वरूप ही बदल दिया है। प्रताप मार्केट में तो एक दुकानदार ने मूत्रालय के दरवाजे तक पर कब्जा जमा लिया है।
सुविधा के लिए गेट को भी अपनी दुकान का हिस्सा बना लिया है। यही हाल कोतवाली रोड, पटेल मार्केट और रेलवे स्टेशन रोड का है। 'पत्रिका टीम' ने जब रविवार को बाजार क्षेत्र में मूत्रालय की हकीकत का जायजा लिया तो ये चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
रेलवे स्टेशन गेट
पुलिस कंट्रोल रूम के सामने स्थित रेलवे स्टेशन के गेट के बाहर बनाए गए शौचालय को दुकानदारों ने तुड़वा दिया है।
इस मूत्रालय के तोडऩे से एक छोटी दुकान का संचालन किया जा सकता है, ऐसे में इस मूत्रालय के बिना अनुमति तोडऩे पर लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से शिकायत की है। इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ।
कोतवाली रोड
मटका चौक के पास राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की दीवार से सटे कोतवाली रोड पर नगर परिषद प्रशासन ने सरकारी भूमि को देखते हुए वहां मूत्रालय बनाया था। लेकिन पड़ोस में जगह खाली होने पर अतिक्रमणकारियों ने वहां अपनी दुकान जमा ली है। इस स्कूल की दीवार के किनारे सारी दुकानें अतिक्रमण करके बनाई हुई है।
प्रताप मार्केट
इस मार्केट के गेट पर दो सुविधा केन्द्र बनाए गए हैं। एक मूत्रालय को दुकानदार ने अपनी दुकान का हिस्सा बना लिया है।
यहां तक कि मूत्रालय को दुकान के लिए बनाई गई सांकळ से बंद कर लिया है। वहां अगर कोई राहगीर या ग्राहक लघु शंका करने के लिए जाता है तो उस पर आपत्ति करते हुए वापस भेज दिया जाता है। यह कब्जा अब स्थायी हो रहा है।
पटेल मार्केट
मार्केट में एक मूत्रालय बचा था, इसे भी पड़ोसी दुकानदार ने अपनी सुविधा के लिए इस्तेमाल कर लिया है। मूत्रालय के गेट को भी संकरा कर दिया गया है और उस पर लोहे का दरवाजा लगा दिया है। इस दुकानदार के खिलाफ शिकायत होने के बावजूद नगर परिषद प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।
यह सही है कि रेलवे स्टेशन रोड पर पुलिस कंट्रोल रूम के सामने बने मूत्रालय को तोडऩे का मामला सामने आया है। इसकी जांच कर एफआईआर के आदेश दिए गए हैं।
अन्य मूत्रालयों पर कब्जा जमाने जैसी स्थिति है तो वहां कब्जे हटाएं जाएंगे। इस संबंध में सोमवार को एक्सईएन से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
सुनीता चौधरी, आयुक्त, नगर परिषद