-जांच रिपोर्ट में कार्यवाहक स्वास्थ्य अधिकारी ने किया खुलासा -आयुक्त के आदेश पर हुई थी जांच
श्रीगंगानगर.
शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 13 मुख्य नालों पर अतिक्रमण ने पानी निकासी रोक दी है। अब भी इन अतिक्रमण को हटाया नहीं गया तो पूरा शहर फिर से पानी से लबालब हो जाएगा। हाथ पर हाथ धरकर काम नहीं चलेगा, सख्त कदम उठाने की जरुरत है। यह कहना है नगर परिषद के कार्यवाहक स्वास्थ्य अधिकारी गौतमलाल का। इस अधिकारी को नगर परिषद आयुक्त सुनीता चौधरी ने दो दिन पहले पूरे शहर में पानी निकासी नहीं होने के संबंध में सर्वे कर जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश किए थे।
इसकी पालना में जब सोमवार दोपहर बाद यह रिपोर्ट आई तो आयुक्त ने सख्त कदम उठाने से पहले सभापति और अपने अधीनस्थ अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही है। आयुक्त का कहना था कि जिला प्रशासन ने नगर परिषद से यह पूछा था कि शहर में पानी निकासी की अड़चन की वजह क्या है? इस पर उन्होंने यह जांच कराई है।
इन-इन नालों को किया कवर
रिपोर्ट में बताया गया है कि पुरानी आबादी एसबीआई से वार्ड तीन के टावर रोड तक मुख्य नाला, ट्रक यूनियन पुलिया रोड पर नीलकंड मेडिकल स्टोर से सुरेश हैंडलूम तक वार्ड 14, पटवार ट्रेनिंग स्कूल से वार्ड चौदह के राजकीय विद्यालय नम्बर दो तक, वार्ड चौबीस में गुरुद्वारा सिंह सभा से लेकर पुरानी धानमंडी तक, स्वामी दयानंद मार्ग, मीरा चौक से चहल चौक तक, एक सौ फीट रोड से मीरा चौक तक, सुखाडिय़ा सर्किल से शिव चौक तक, जवाहरनगर गगन पथ पर स्थित बिहाणी चिल्ड्रन एकेडमी से सुखाडिय़ा सर्किल तक, मीरा चौक से सुखाडिय़ा सर्किल तक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से अग्रसेननगर चौक होते हुए आंचल हॉस्पीटल तक, मौसम विभाग के पास छजगिरिया मोहल्ले से मीरा चौक तक, हनुमानगढ़ रोड पर जगदम्बा अंध विद्यालय से चहल चौक तक, चहल चौक से न्यू मोटर मार्केट तक, इस मार्केट से सरतगढ़ रोड पर वीडी मोटर्स तक नालों पर पक्के अतिक्रमण किए गए हैं। इन्हें हटाने के लिए पूरी टीम की जरुरत पड़ेगी।
चार सौ से अधिक ट्रॉलियां सिल्ट
इस जांच रिपोर्ट में यह भी अंदेशा जताया कि इन 13 मुख्य नालों को लंबे समय से कवर कर लिया गया है, उनको तोड़कर सफाई कराई जाएं तो वहां करीब चार सौ से अधिक ट्रॉलियां सिल्ट निकल सकती है। सिल्ट पूरी नहीं निकलने के कारण मामूली बरसात में पानी निकासी नहीं हो रही है। पिछले डेढ़ दशक से शहर के अधिकांश नालों को बड़े बड़े शोरूम, दुकानें, नर्सिग होम, शिक्षण संस्थाओं सहित अन्य कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रहे भवनों के आगे कवर किया जा चुका है।
इसी सप्ताह आएगी सर्विस रोड के लिए एनओसी
इस बीच यूआईटी प्रशासन का दावा है कि शिव चौक से राजकीय जिला चिकित्सालय तक नेशनल हाइवे के दोनेां साइडों में निर्माण के दौरान अटकी सर्विस रोड के संबंध में एनओसी वन विभाग से इसी सप्ताह आएगी। न्यास के एईएन जैन ने बताया कि इस रोड पर हरे पेड़ों को हटाने के संबंध में वन विभाग से मार्च में यह अनुमति मांगी थी लेकिन तकनीकी अड़चन होने के कारण यह अनुमति नहीं मिली थी। लेकिन अब पूरे मामले से वन विभाग को अवगत कराया जा चुका है, उम्मीद है कि अगले तीन दिन में यह एनओसी आने पर सर्विस रोड का निर्माण कार्य पूरा कराया जा सकेगा।
यह सही है कि जांच रिपोर्ट में मुख्य नालों पर कवर करने की आड़ में अतिक्रमण होने की पुष्टि हुई है। इन अतिक्रमण को हटाया जाएगा। बरसात आने से पहले इन नालों से कवर हटाने के लिए बकायदा पूरी टीम लगाई जाएगी। इसमें किसी भी सिफारिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- सुनीता चौधरी, आयुक्त, नगरपरिषद