केंद्र सरकार ने आगामी खरीफ के प्रमुख कृषि जिन्सों का बुधवार को जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किया है, उससे कई किसान नेता संतुष्ट नहीं है।
श्रीगंगानगर।
केंद्र सरकार ने आगामी खरीफ के प्रमुख कृषि जिन्सों का बुधवार को जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किया है, उससे कई किसान नेता संतुष्ट नहीं है। इनके अनुसार फसलों की उत्पादन लागत की तुलना में यह बढ़ोतरी कम है। जब तक एमएसपी पर सारे माल की खरीद सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक बढ़ोतरी की बात सिर्फ जुमला साबित होगी।
गंगानगर किसान समिति के संयोजक रणजीत सिंह राजू के अनुसार नई एमएसपी किसानों के साथ धोखा है। चुनाव को ध्यान में रखते हुए घोषणा जरूर की गई है लेकिन भाव कम रखे गए हैं। सरकार को किसान का सारा माल खरीदने की गारंटी साथ की साथ देनी चाहिए, जब तक ऐसा नहीं होगा किसान संतुष्ट नहीं होंगे।
किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता एडवोकेट सुभाष सहगल के मुताबिक एमएसपी में बढ़ोतरी की सिर्फ बातों से कुछ नहीं होने वाला। इस बार रबी में एमएसपी घोषित किए जाने के बावजूद जौ नहीं खरीदा, पिछली बार सरसों नहीं खरीदी थी। सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील नहीं है, वह आंदोलनों में उलझाए रखना चाहती है। जब तक एमएसपी उत्पादन लागत को ध्यान में रखते हुए घोषित नहीं होगी और सारे माल की खरीद सुनिश्चित नहीं होगी, किसानों को कोई फायदा नहीं होगा।
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