- नगर परिषद बोर्ड बैठक में पार्षदों ने आयुक्त व सभापति को सुनाई खूब खरी खोटी फेरो कवर के लिए बजट नहीं और खरीद रहो हो वाहन
श्रीगंगानगर. नगर परिषद बोर्ड की साधारण सभा की बैठक महज डेढ़ घंटे में निपट गई। नगर परिषद सभागार में हुई बैठक में पार्षदों के आरोप प्रत्यारोप के बीच आठ में से सात एजेंडे पारित किए गए। इसमें मुख्य रूप से सफाई ठेके के करीब सात करोड़ के बजट को मंजूरी, सात नए वाहनों की खरीद, नगर परिषद की मौजूदा बिल्डिंग को जमींदोज कर नई बिल्डिंग बनाने, खराब ऑटो टीपरों की मरम्मत करना शामिल किया गया। सभापति गगनदीप कौर पांडे और आयुक्त यशपाल आहुजा ने पार्षदों की समस्याओं को सुना और हल कराने का आश्वासन दिया। बैठक में कुल पन्द्रह पार्षद गैर हाजिर रहे, इसमें पूर्व सभापति करुणा चांडक भी शामिल थी।
इस बैठक में पार्षद दलीप लावा ने व्यंग्य कसते हुए कहा कि एक फेरो कवर खरीद के लिए नगर परिषद के खजाने में धन नहीं है और नए वाहनों की खरीद करने के लिए सब्जबाग दिखाए जा रहे हैं। लावा का कहना था कि उनके वार्ड में मुख्य नालों को कवर करने के लिए जब फेरो कवर उपलब्ध की मांग तो आयुक्त और सभापति दोनों ने बार बार खजाना खाली का राग अलपाया। अब नए वाहनों की खरीद और नई बिल्डिंग बनाने की कोरी वाहवाही बटोरी जा रही है।
पार्षद रामगोपाल यादव ने अग्रसेननगर के प्रथम और द्वितीय स्कीम के लोगों को पट़टे नहीं बनाने के बारे में आयुक्त से सवाल जवाब किए। यादव का कहना था कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले आपकी टेबल पर 43 फाइलें आ चुकी थी, फिर भी साइन नहीं किए जबकि अन्य एरिया के पट़टे बनाने में देर नहीं की। पार्षद ओमी मित्तल का कहना था कि अग्रसेननगर के पट़टे बनाने की अड़चन को जानबूझकर दूर नहीं किया जा रहा है। इस पर आयुक्त का कहना था कि यह प्रक्रिया जल्द अपनाई जाएगी।
पार्षद सुशील चौधरी पप्पू का कहना था कि जब खजाना खाली है तो फिर चर्चा किस बात की जा रही है। कमला बिश्नोई का कहना था कि रोड लाइट की समस्या ज्यादा है। राजकोष में खजाना नहीं है, इस कारण कचरा उठाव करने वाले टैम्पू चालक और हैल्पर अपने वेतन के लिए आए दिन हड़ताल करते हैं। कौशल्या स्याग का कहना था कि मुख्य नाले की सफाई नहीं है। पार्षद रीतू धवन बोली कि उनके वार्ड में जेंटस कार्मिक कम है, यह संख्या बढ़ाई जाए। पार्षद कमल नारंग बोले कि पिछले दो महीने से इलाके में प्रचंड गर्मी रही, हरियाली को बढ़ावा देने के लिए ट्री गार्ड और पौाधारोपण मुहिम चलाई जाए।
पार्षद अशोक मुंजराल ने नगर परिषद एक्सईएन पर गंभीर आरोप लगाए। मुंजराल का आरोप था कि अतिक्रमण हटाने की बजाय दुकानदार को अभयदान दे दिया। सड़क भूमि में बेसमेंट तक निर्माण करने की शिकायत जब उन्होंने एक्सईएन से की तो आश्वासन देते रहे और फिर निर्माण कराने में खुली छूट दे दी। इस संबंध में फोटोग्राफी और लिखित शिकायत के बारे में आयुक्त तक शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
नेता प्रतिपक्ष रही डॉ. बबीता गौड़ ने खराब पड़े ऑटो टीपर्स दुरुस्त करने पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि ऑटो टीपर की खरीद में जिला प्रशासन दोषी मान चुका है और एसीबी में यह मामला चल रहा है। ऐसे में दोषियों पर एक्शन की बजाय नगर परिषद प्रशासन खराब ऑटो टीपर पर बजट खर्च करने जा रहा है। इस पर आयुक्त का कहना था कि डीएलबी ने दोषियों के नाम और उन पर एफआइआर के बारे में निर्देश दिए हैं। अब एक्शन कराने में कोई परहेज नहीं किया जाएगा।
पार्षद विजेन्द्र स्वामी का कहना था कि सफाई के अस्थायी कार्मिकों को रखने और शहर के वार्डों में कचरा संग्रहण के लिए शिवा सिक्योरिटी फर्म को ठेका दिया जा रहा है। इस ठेका फर्म के पास महज ढाई सौ कार्मिकों रखने का लाइसेंस है, लेकिन तीन सौ से अधिक कार्मिक रखने का ठेका दिया जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2023-2024 में काफी कार्मिकों के पीएफ और अन्य परिलाभों के नामों पर गड़बड़ी की थी, इसे अब पाक साफ बताकर फिर से ठेका देने के राज तो बताओ। उनका कहना था कि इस पूरी प्रक्रिया में स्वहित ज्यादा और जनहित कम दिख रहा है। पार्षद बबीता गौड़ ने भी इस मुददे पर सभापति को घेरने का प्रयास किया।
पार्षद प्रियंक भाटी का कहना था कि पूरे शहर में आवारा श्वानों की समस्या बढ़ती जा रही है। लोग रात को अपने घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। नगर परिषद इस संबंध में फिर से श्वान शाला को संचालित करने या अन्य तरीको से मुक्ति दिलाएं। पार्षद बंटी वाल्मीकि का कहना था कि लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद चौदह अप्रेल के बाद अम्बेकर चौक पर फव्वारा नहीं चला है। पार्षद रमेश शर्मा ने बरसाती पानी निकासी के बारे में मुद़दा उठाया।
पार्षद संजय बिश्नोई ने नगर परिषद की विद्युत शाखा पर गंभीर आरोप लगाए। बिश्नोई का कहना था कि हर साल लाखों रुपए में स्ट्रीट लाइट और उसके उपकरण खरीद किए गए। यहां तक ड्रावर जैसे छोटे से कलपुर्जे का रेट बाजार से दुगुने दाम पर खरीद गया। यही आइटम फिर से बाजार में बेच दिया गया। स्ट्रीट लाइट खराब की बात कहकर नई लाइट लगाई गई लेकिन पुरानी लाइटों को फिर से ठीक करके बेचान करने का बड़ा खेल हुआ। इसके बारे में आयुक्त तक चुप्पी साधे हुए है। इस पर आयुक्त का कहना था कि एक्सईएन और लेखाधिकारी की एक जांच कमेटी बनाई है, यह जवाब सुनकर पार्षद बोल पड़े कि दूध की रखवाली बिल्ली को।
पार्षद प्रेम घोड़ेला का कहना था कि इस बोर्ड के कार्यकाल पूरा होने में महज चार महीने का समय बचा है, लेकिन अब तक वार्डों की सड़कों की मरम्मत के लिए पेचवर्क के टैंडर तक नहीं लग रहे हैं। स्ट्रीट लाइट, आवारा श्वान, चहल चौक के क्षतिग्रस्त की समस्याओं को हल नहीं निकाला जा रहा है। ऐसे में चार महीने के बाद होने वाले निकाय चुनाव में एक भी पार्षद दुबारा जीतकर नहीं आएगा। अब भी संभल जाओ, जनता आश्वासन से नहीं मानेगी कुछ काम करके दिखाने होंगे।
पार्षद हेमंत रासरानियां का कहना था कि पूर्व मंत्री राधेश्याम के आवास के पास अवैध तरीके से एक बहुमंजिला भवन का निर्माण हुआ। इस भवन को एनओसी तक नहीं दी गई थी। इसके बावजूद उसने निर्माण कार्य जारी रखा। पार्षद के तौर पर वहां धरना भी लगाया लेकिन अब तक एक्शन नहीं हुआ। रासरानियां का कहना था कि पूरे शहर में भवन निर्माण बिना अनुमति से धड़ल्ले से हो रहे हैं लेकिन नगर परिषद की निर्माण शाखा मूकदर्शक बनी हुई है। शिकायत पर मौके पर जाकर बंद कमरे में लेन देन कर वापस लौटती है। एक साल तक पड़ोस में रहने वाले लोगों को मलबे के ढेर की परेशानी झेलनी पड़ती है लेकिन नगर परिषद एक हजार रुपए की पेनेल्टी वसूल नहीं करती।
आयुक्त ने बताया कि पी ब्लॉक में मेजर भूपेन्द्र सिंह के नाम पर स्मारक बनाने, स्वामी विवेकानंद पार्क में मूर्ति लगाने, पुरानी आबादी के वार्ड पन्द्रह से लेकर सत्रह तक श्याम चौक बनाने के अलावा पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर के नाम पर चौक बनाया जाएगा। इस पर पूरे सदन ने ध्वनिमत से पारित किया। रोहित बागड़ी ने टावर बिना अनुमति लगाने पर सवालों की झड़ी लगा दी और कुछ देर तक आयुक्त से तकरार भी की। लोकेश सिहाग ने सड़कों की हालत को सुधारने के लिए एलएंडटी को पाबंद करने की मांग की। पार्षद चेष्टा सरदाना का कहना था कि उनके वार्ड में कई जगह काफी नीची है। बरसात के बाद वहां जलभराव रहता है। ऐसे में वहां रोड़ी डाल दी जाएं तो यह काम बेहतर होगा।
पार्षद प्रदीप चौधरी का कहना था कि नई बिल्डिंग बनाने से पहले आगे का हिस्सा कॉमर्शियल बनाया जाए, इस पर पड़ोस में बैठे पार्षदों ने चुटकी ली कि एक दुकान मिल जाएगी आपको।पार्षद रमेश शर्मा बोले कि उनकी मांगों पर काम नहीं होता बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के कहने पर चुटकी में काम होता है। इस पर पार्षद कृष्ण कुमार गुल्लू का कहना था हमारी कौनसी ज्यादा चलती है। एकल खिड़की में सेवाएं देने वाले राधेश्याम गोयल को मानदेय के सवाल पर अधिकांश पार्षदों ने नाराजगी जताई। ऐसे में यह प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया।