श्री गंगानगर

Video: अन्न का कटोरा माना जाता है श्रीगंगानगर

अन्न का कटोरा माना जाता है श्रीगंगानगर लेकिन इसके हाथ में कटोरा है। जिला कृषि में सिरमौर माना जाने के बावजूद जरूरतों के पूरा होने की बाट जोह रहा है।

2 min read

श्रीगंगानगर.

अन्न का कटोरा माना जाता है श्रीगंगानगर लेकिन इसके हाथ में कटोरा है। जिला कृषि में सिरमौर माना जाने के बावजूद जरूरतों के पूरा होने की बाट जोह रहा है। इलाके की उपेक्षा का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि इकलौते कृषि विज्ञान केंद्र को एक वैज्ञानिक के भरोसे छोड़ दिया गया है। जरूरी संसाधन होने के बावजूद कृषि अनुसंधान संस्थान मंजूर नहीं किया जा रहा, सरकारी कृषि महाविद्यालय की वर्षों पुरानी मांग की तरफ भी गौर नहीं किया जा रहा।


सरसों, मूंग की गिनती प्रमुख फसलों में होती है। न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित होने के बावजूद गत सीजन में सरसों की खरीद बिलकुल नहीं की गई, चालू सीजन में मूंग की सरकारी खरीद मखौल बनी हुई है। गाजर मंडी के लिए कुछ नहीं हो रहा जबकि साधुवाली में गौण मंडी यार्ड के लिए दो साल पहले राज्य के बजट में घोषणा की जा चुकी है। इसी तरह कितने ही ऐसी जरूरते हैं जिनकी अनदेखी की जा रही है।


ऐसे तो नहीं होगी आय दोगुनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने की बात कह रहे हैं, इसके लिए 'संकल्प से सिद्धिÓ के माध्यम से सात सूत्र भी उन्होंने दिए हैं। कृषि से जुड़े लोगों के अनुसार सिर्फ सात सूत्र देने मात्र से कुछ नहीं होने वाला। जहां जरूरी है, वहां साधन-सुविधा बढ़ाने की आवश्यकता है। जल बचत, सौर ऊर्जा जैसी महत्वपूर्ण तकनीक को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान बढ़ाने की जरूरत है। जिले की अधिकतर कृषि उपज मंडी समितियां 'कार्यवाहकÓ के भरोसे चल रही है। कृषि विस्तार के काम में भी रिक्त पद परेशानी का सबब बने हुए हैं।


केवीके पर ताले की तैयारी!
कृषि के लिहाज से महत्वपूर्ण जिलों में दो-दो कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) खोलने की मंशा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की है, दूसरी तरफ श्रीगंगानगर के इकलौते केवीके पर ताले की तैयारी की आशंका जताई जा रही है। केंद्र सिर्फ दो वैज्ञानिक के भरोसे चल रहा था कि एक का तबादला गत दिनों कर दिया हालांकि अस्थाई रूप से उन्हें केवीके पर ही काम करने का कहा गया है। इस पर विषय वस्तु विशेषज्ञ के 5 एवं अन्य अधिकतर पद रिक्त है। इसका फार्म पदमपुर है, 80 बीघा जमीन में खेती होती है, श्रीगंगानगर में भी काम होता है। बिना साधन-सुविधा भारी असुविधा हो रही है।


बातों से नहीं होगा भला
'किसानों का भला सिर्फ बातों से नहीं होगा। प्रधानमंत्री आय दोगुनी करने की बात कर रहे हैं लेकिन सरकार का जरूरी सुविधाओं को बढ़ाने की तरफ ध्यान ही नहीं है। सिंचाई के लिए पूरा पानी मिलना चाहिए, सभी कृषि जिन्सों की सरकारी खरीद व्यवस्थित ढंग से होनी चाहिए।
रणजीत सिंह 'राजू', संयोजक, गंगानगर किसान समिति।


किया जा रहा है भेदभाव
'श्रीगंगानगर जिले से सरकार भेदभाव कर रही है। सिंचाई जल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होना चाहिए, छीजत बंद होनी चाहिए। साधुवाली की गाजर मंडी की तरफ ध्यान दिया जाना चाहिए। रोजाना गाजर की भारी आवक हो रही है परंतु इसे विकसित नहीं किया जा रहाÓ
अमरसिंह बिश्नोई, जिलाध्यक्ष, सब्जी उत्पादक संघ।


व्यावहारिक बहुत जरूरी
'व्यावहारिकता बहुत जरूरी है। सरकार को श्रीगंगानगर जिले को पूरा महत्व देना चाहिए। कृषि अनुसंधान संस्थान शुरू करना चाहिए, महाविद्यालय स्वीकृत करना चाहिए। मंडी समितियों में रिक्त पद भरने चाहिए। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद सुनिश्चित होनी चाहिए
हनुमान गोयल, जिलाध्यक्ष, श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिला संयुक्त व्यापार संघ।


नहीं छोड़ रहे कमी
'किसानों को समय-समय पर उपयोगी जानकारी देने के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही। यह सही है। कि स्टाफ कम होने से असुविधा होती है। केवीके के माध्यम से नई तकनीक की जानकारी आगे तक पहुंचाई जा रही है, जरूरतों के बारे में विश्वविद्यालय को जानकारी दी गई है ।
डॉ. हनुमानराम, प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र।

Updated on:
23 Dec 2017 07:49 am
Published on:
23 Dec 2017 07:45 am
Also Read
View All
Janani Express Ambulance: 8 साल बाद फिर सड़कों पर दौड़ेगी 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस, प्रसूताओं को मिलेगी बड़ी सुविधा

श्रीगंगानगर : LPG सिलेंडर की किल्लत से परेशान उपभोक्ताओं को मिला सस्ता विकल्प, शहर में तेजी से बढ़े पीएनजी कनेक्शन

राजस्थान के शहर में 1000 करोड़ के निवेश का यूरोपीय स्टाइल मार्केट, लग्जरी सुविधाओं के साथ लोगों को मिला रोजगार

Sri Ganganagar: कॉलेज स्टूडेंट बनकर छिपा था लॉरेंस गैंग का ईनामी बदमाश, प्रॉपर्टी डीलर के घर पर फायरिंग मामले में था फरार

Sri Ganganagar: शादीशुदा पड़ोसी के साथ राजस्थान में मिला पंजाब की युवती का शव, 10 दिन से लापता थे दोनों