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श्रीगंगानगर। मध्य-पूर्व में संकट से इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत और डिलीवरी में हो रही देरी ने आम घरों से लेकर बड़े व्यापारियों तक की चिंता बढ़ा दी है। बुकिंग के कई दिनों बाद भी समय पर सिलेंडर न मिलने की इस जद्दोजहद के बीच, बीपीसीएल की पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) ने कनेक्शन कवायद शुरू की है। रसोई गैस के इस मौजूदा संकट पर पीएनजी की ने ग्राहकों को कनेक्शन कराने के लिए मुनियादी भी कराई है।
श्रीगंगानगर शहर के अलावा पड़ोसी हनुमानगढ़ और अबोहर में भी कंपनी का इंफ्रास्ट्रक्चर का काम जोरों पर है और नए पीएनजी कनेक्शन किए जा रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि घर या कमर्शियल प्रतिष्ठान में लगे मीटर की रीडिंग के आधार पर महीने के अंत में बिल आएगा, जितनी गैस खर्च करते हैं, उन्हें सिर्फ उतने का ही भुगतान करना होगा। शहर में अब तक 28 हजार से अधिक हुए कनेक्शन हुए हैं। अभी एक लाख कनेक्शन होने बाकी हैं।
इस कंपनी के अनुसार पीएनजी का उपयोग एलपीजी की तुलना में बेहद किफायती है। इसके इस्तेमाल से घरेलू रसोई के मासिक बजट में तो भारी बचत होती ही है, साथ ही कमर्शियल इकाइयों की लागत भी काफी कम हो जाती है, इससे सीधा मुनाफा बढ़ता है। इसमें बार-बार बुकिंग करने या डिलीवरी का इंतजार करने का कोई झंझट नहीं है।
पाइप के जरिए पीएनजी सातों दिन 24 घंटे गैस उपलब्ध रहती है। पीएनजी हवा से काफी हल्की होती है। किसी भी तरह के रिसाव की स्थिति में यह फर्श पर जमा होने के बजाय हवा में तुरंत उड़ जाती है, जिससे आग लगने या बड़े हादसे का खतरा न के बराबर हो जाता है। मीटर सिस्टम होने से जितनी यूनिट मीटर में दिखेगी, केवल उतनी ही शुद्ध गैस मिलेगी और उसी का भुगतान करना होगा।
प्रोजेक्ट मैनेजर रुस्तम सिंह ने बताया कि मौजूदा एलपीजी संकट और पीएनजी की किफायती दरों को देखते हुए पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ की प्रमुख कॉलोनियों और कमर्शियल मार्केट में लोग पीएनजी कनेक्शन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर करीब 28 हजार से अधिक कनेक्शन हो चुके हैं।
Published on:
11 Apr 2026 10:22 pm
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