
श्रीगंगानगर.
श्री गुरुनानक कृष्णा मंदिर की ओर से रविवार को जरूरतमंद परिवारों के 5 जोड़ों के विवाह करवाए गए। एच ब्लॉक स्थित मंदिर परिसर में इन सामूहिक विवाहों को लेकर दिनभर उत्सव जैसा माहौल रहा। शाम को सभी जोड़ों को विदाई दी गई। खत्री धर्मशाला में ठहरी पांचों बारातों में शामिल बाराती सुबह नाचते हुए गुरुनानक कृष्णा मंदिर पहुंचे। जहां शहर के प्रमुख लोगों ने उनकी अगवानी की। मंदिर ऐरिया में खुले स्थान पर कीर्तन दीवान भी सजाया गया। रागी जत्थे भाई नौनिहाल सिंह, दलीप सिंह, समीरजीत सिंह और बीबी कुलदीप कौर ने गुरुवाणी का पाठ किया।
शुक्रवार को रखे गए श्री अखण्ड पाठ साहिब का रविवार सुबह भोग पड़ा। पांच जोड़ों में से चार का आनंदकारज करवाया गया, जबकि एक लडक़ी के हिन्दू रीतिरिवाज से फेरे करवाए गए। इस सामूहिक विवाह के आयोजन में श्री गुरुनानक कृष्णा मंदिर समिति के अलावा हिमालय परिवार, मां चिन्तपूर्णी सध्य संकीर्तण मंडल, धन-धन भाई मंझजी संकीर्तण सेवा जत्था के सेवादारों ने बढ़-चढक़र सहयोग किया। दोनों पक्षों की ओर से आए लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई।
श्री गुरुनानक कृष्णा मंदिर समिति के महामंत्री मुनीष लड्ढा, दर्शनलाल जगोता, केवलकृष्ण वितरण, तरसेम नागपाल, अंकुर मगलानी, प्रवीण भाटिया, हरप्रीत बराड़, श्रवण सिंह, दलजीत कौर, अजय जैन, रणजीत सिंह और मंदिर समिति के अध्यक्ष मनजीत सिंह मंड ने भी सामूहिक विवाह समारोह में व्यवस्थाएं बनाएं रखने के लिए सहयोग किया। दुल्हनों का सजाने का जिम्मा ब्यूटी पार्लर वीना चौहान ने उठाया। सिंगापुर में रहने वाली प्रीती, मोनू और कनाड़ा में रहने वाले ओमप्रकाश चक्की वाले ने सामूहिक विवाह समारोह के लिए आर्थिक सहयोग दिया। इस सामूहिक विवाह समारोह में शहर के अन्य गणमान्य लोगों ने भी शिरकत कर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
हर दूल्हे को भेंट किया हेलमेट
सामूहिक विवाह समारोह में आयोजकों की ओर से पांच दूल्हों को हेलमेट भेंट किए गए और उनको शपथ दिलाई गई कि वे अपनी व परिवार की खुशियों के लिए बाइक चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनेंगे और परिवार, आसपास व मित्रों को बाइक चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करेंगे। दूल्हों को सडक़ सुरक्षा के लिए लोगों में जागरुकता लाने के लिए भी शपथ दिलाई गई।
दिया जरुरत का सामान
सामूहिक विवाह समारोह में सभी नवविवाहित जोड़ों को डबल बेड, रजाई-गद्दे, सिलाई-मशीन, साइकिल, प्रेशर कुकर, रसोई बर्तन के अलावा दुल्हनों को 28 जोड़ें सूट-साडिय़ां, पायजेब-चुटकी, कानों के टॉपस आदि दिए गए।