
Sri Ganganagar: A teachers' protest rally marching towards the Collectorate under the banner of the Rajasthan Teachers' Association (RTA) Shekhawat. A large number of female teachers, male teachers, and retired teachers participated in the demonstration held to protest against education policies
श्रीगंगानगर.शहर की पुरानी आबादी स्थित शिक्षक भवन गुरुवार को उस समय शिक्षकों के आक्रोश और एकजुटता का केंद्र बन गया, जब राजस्थान शिक्षक संघ (आरटीए) शेखावत के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षक, महिला शिक्षिकाएं और सेवानिवृत्त शिक्षक एकत्रित हुए। शिक्षक प्रशासन की नीतियों के विरोध में आयोजित यह प्रदर्शन केवल कर्मचारियों की मांगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था के भविष्य को लेकर चिंता और चेतावनी का संदेश भी देता नजर आया। शिक्षक भवन में आयोजित सभा के दौरान सर्वसम्मति से भवन के मीटिंग हॉल का नामकरण क्रांतिकारी रामप्रताप स्याग मेमोरियल सभागार किया गया। इसके बाद दोपहर तीन बजे शिक्षक रैली के रूप में कलक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। रैली मार्ग में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शिक्षकों का स्वागत कर उनके आंदोलन को समर्थन दिया। महिला शिक्षिकाओं की उल्ले खनीय उपस्थिति ने रैली को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।
कलक्ट्रेट पर आयोजित सभा में जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह कूकणा ने कहा कि शिक्षा विभाग के कई अव्यावहारिक आदेश विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को हताशा की ओर धकेल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी नीतियां सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर निजीकरण को बढ़ावा देने का माध्यम बन रही हैं।
सभा के बाद जिलाध्यक्ष कूकणा और जिला मंत्री मनोहर सिहाग के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला कलक्टर सुभाष कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सेवारत शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के नीतिगत स्थानांतरण, ग्रीष्मावकाश 30 जून तक रखने, पे-प्रोटेक्शन लाभ लेने वाले शिक्षकों से वसूली रोकने, सातवें वेतनमान के विकल्प पत्र पुन: भरवाने, संविदाकर्मियों को स्थायी करने, शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने, दिव्यांग शिक्षकों को बार-बार मेडिकल जांच से राहत देने तथा शिक्षक पात्रता सूची संबंधी आपत्तियों की अंतिम तिथि 30 जून तक बढ़ाने सहित कई मांगें शामिल थीं।
जिला मंत्री मनोहर सिहाग ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी ज्ञापन भेजकर आरटीई के तहत पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी नियम को लागू करने के निर्णय को प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध बताते हुए राहत की मांग की गई है। सभा को रामस्वरूप सहारण, साहबराम बीरड़ा, रेणुबाला, गुरमीत सिंह गिल, राधेश्याम यादव, पवन छींपा, गुरमीत सिंह ढिल्लों, हरभजन सिंह और प्रकाश आर्य सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। जिले की विभिन्न तहसीलों से आए पदाधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
Published on:
26 Jun 2026 12:31 pm
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