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Rajasthan: शाला दर्पण पर रोज 100% उपस्थिति अनिवार्य, लापरवाही तो अधिकारी-कर्मचारियों पर होगा एक्शन

School Online Attendance: राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों (मुख्यालय) तथा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर शाला दर्पण पोर्टल पर विद्यार्थियों और कार्मिकों की दैनिक उपस्थिति शत-प्रतिशत दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है।
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श्री गंगानगर

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 26 Jun 2026, 12:32 PM IST

School Education Rajasthan

शिक्षा संकुल राजस्थान, पत्रिका फोटो

School Online Attendance: सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों और कार्मिकों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभागराजस्थान ने सख्ती बढ़ा दी है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों (मुख्यालय) तथा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर शाला दर्पण पोर्टल पर विद्यार्थियों और कार्मिकों की दैनिक उपस्थिति शत-प्रतिशत दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है।

अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक सीमा शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एनसीईआरटी के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र (आरवीएसके) के लिए राज्यभर के सभी विद्यालयों की उपस्थिति संबंधी जानकारी शाला दर्पण पोर्टल से संकलित की जाती है। हाल ही में किए गए डेटा विश्लेषण में सामने आया है कि कई विद्यालयों में विद्यार्थियों और कार्मिकों की उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज नहीं की जा रही है। इसके कारण राजस्थान एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़े अपूर्ण और असंगत हो रहे हैं।

हर कार्य दिवस पर ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य

विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कार्य दिवस पर सभी विद्यार्थियों और कार्मिकों की उपस्थिति शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज करनी अनिवार्य होगी। किसी भी कर्मचारी, कक्षा या सेक्शन की उपस्थिति प्रविष्टि लंबित नहीं छोड़ी जा सकेगी। साथ ही अनुपस्थित एवं अवकाश पर रहने वाले विद्यार्थियों और कार्मिकों की जानकारी भी सही एवं अद्यतन रूप में दर्ज करना अनिवार्य होगा।

जिला स्तर पर होगी नियमित समीक्षा

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने जिला कार्यालयों को उपस्थिति डेटा की नियमित समीक्षा करने और इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालय स्तर पर उपस्थिति प्रविष्टियां निर्धारित समयावधि में पूरी कर ली जाएं। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उपस्थिति डेटा के संधारण में लापरवाही, गलत प्रविष्टि अथवा नियमित अपडेट नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी स्वयं उत्तरदायी होंगे। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।

वास्तविक उपस्थिति का आकलन संभव होगा

शिक्षा विभाग का मानना है कि शाला दर्पण पर सटीक और अद्यतन उपस्थिति दर्ज होने से विद्यालयों की निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी, विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति का आकलन संभव होगा तथा राष्ट्रीय स्तर की शैक्षिक मॉनिटरिंग प्रणालियों को विश्वसनीय डेटा उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे शिक्षा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नीति निर्धारण में भी मदद मिलेगी।

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