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Indian Railways: सरहद का स्टेशन अब बनेगा रेल शक्ति का हब, श्रीगंगानगर को मिली 174.26 करोड़ की सौगात

Sri Ganganagar Railway Station: रेल मंत्रालय की 174.26 करोड़ रुपए की स्पेशल रेलवे परियोजना सीमावर्ती शहर श्रीगंगानगर को उत्तर-पश्चिम रेलवे के आधुनिक कोच मेंटेनेंस एक परिचालन केंद्र के रूप में नई पहचान दिने जा रही है।
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श्री गंगानगर

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Anil Prajapat

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Updated: 27 Jun 2026, 8:45 AM IST

Sri Ganganagar Railway Station

श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन। फोटो: पत्रिका

श्रीगंगानगर। भारत-पाक सीमा पर स्थित श्रीगंगानगर अब केवल रेल यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं रहेगा। रेल मंत्रालय की 174.26 करोड़ रुपए की स्पेशल रेलवे परियोजना इस सीमावर्ती शहर को उत्तर-पश्चिम रेलवे के आधुनिक कोच मेंटेनेंस एक परिचालन केंद्र के रूप में नई पहचान दिने जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां से नई ट्रेनों के संचालन बेहतर समयपालन और अत्याधुनिक रेल सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त होगा।

रेल मंत्रालय ने श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर कोच मेंटेनेंस सुविधाओं के विकास (फेज-प्रथम) को स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट का दर्जा दिया है। भारत सरकार के राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के साथ ही यह परियोजना पीएम गति शक्ति पहल के तहत फास्ट-ट्रैक पर शामिल हो गई है।

प्रतिदिन छह रेल रेक का रखरखाव संभव होगा

परियोजना के तहत स्टेशन परिसर में दो 600 मीटर लंबी वाशिंग लाइन, तीन 650 मीटर लंबी स्टेबलिंग लाइन, दो पिट लाइन, एक व्हील लेथ लाइन, 650 मीटर लंबी इंजन एस्केप लाइन तथा 120 गुणा 24 मीटर का बीमार लाइन शेड बनाया जाएगा। इसके साथ ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट, ईओटी क्रेन और सिंक्रोनाइज्ड जैक जैसी आधुनिक तकनीक स्थापित की जाएगी। इन सुविधाओं से प्रतिदिन करीब छह रेल रेक का रखरखाव संभव होगा, जिससे ट्रेनों का परिचालन अधिक सुचारु और समयबद्ध हो सकेगा।

जिला सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण

भारत-पाक सीमा से सटे श्रीगंगानगर में सेना की महत्वपूर्ण छावनियां हैं, जिसके कारण देशभर से सैनिकों का नियमित आवागमन होता है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के हजारों यात्री प्रतिदिन इस स्टेशन का उपयोग करते हैं। नई सुविधा विकसित होने के बाद लंबी दूरी की ट्रेनों के विस्तार, नई रेल सेवाओं के संचालन तथा वंदे भारत और एलएचबी रैंक आधारित आधुनिक ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं मजबूत होंगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।

लंबी दूरी की सेवाओं के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी

सीमावर्ती श्रीगंगानगर को आधुनिक रेल अवसंरचना मिलेगी। सेना के जवानों और आम यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नई ट्रेनों तथा लंबी दूरी की सेवाओं के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। वंदे भारत एवं एलएचबी रैंक वाली ट्रेनों के रखरखाव की सुविधा स्थानीय स्तर पर विकसित होगी। ट्रेनों का समयपालन सुधरेगा और प्लेटफॉर्म पर दबाव कम होगा। कृषि उपज एवं औद्योगिक उत्पादों के परिवहन को गति मिलेगी। किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

क्या-क्या बनेगा

-174.26 करोड़ रुपये की स्पेशल रेलवे परियोजना
-पीएम गति शक्ति पहल के तहत फास्ट-ट्रैक निर्माण
-2 वाशिंग लाइन (600-600 मीटर)
-3 स्टेबलिंग लाइन (650-650 मीटर)
-2 पिट लाइन
-1 व्हील लेथ लाइन
-1 इंजन एस्केप लाइन (650 मीटर)
-120 गुणा 24 मीटर का बीमार लाइन शेड
-ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट
-ईओटी क्रेन एवं सिंक्रोनाइज्ड जैक

प्रतिदिन लगभग 6 रेल रेक के रखरखाव की क्षमता

इस परियोजना से श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आधुनिक कोच मेंटेनेंस सुविधाएं विकसित होने से नई ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा और सीमावर्ती क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं मिलेंगी।
-भीम शर्मा, पूर्व सदस्य, जैडआरयूसीसी।

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