
हनुमानगढ़.
तलाक करवाने व दुराचार के आरोप में दर्ज मामले में एफआर लगाने की एवज में साढ़े आठ लाख रुपए ऐंठने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एडवोकेट जोधासिंह सहित पांच जनों के खिलाफ सोमवार को जंक्शन पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ है। यह मामला न्यायालय के आदेशों पर दर्ज हुआ है। उप निरीक्षक चन्द्रभान ने बताया कि शंकर भाटी पुत्र मोहनलाल भाटी निवासी राजेंद्रनगर नई दिल्ली ने मामला दर्ज करवाते हुए बताया कि उसने टाउन निवासी सगे साले की लड़की की शादी सरदारशहर निवासी अपने सगे भानजे के साथ करवाई थी।
शादी के कुछ समय बाद उक्त लड़की ने हनुमानगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया कि उसके ससुराल में ताऊ का लड़का उसेस गलत हरकतें करता है। लेकिन बाद में इस मामले में राजीनामा हो गया। बाद में उस लड़की ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ हनुमानगढ़ महिला पुलिस थाने में दहेज के लिए प्रताडि़त करने तो रिश्ते में फूफा लगने वाले उसके (शंकर भाटी) खिलाफ दुराचार के आरोप में झूठा मामला दर्ज करवा दिया।
शंकर भाटी ने आरोप लगाया कि मामला दर्ज होने के बाद एडवोकेट जोधासिंह पुत्र वीरूसिंह राजपूत निवासी शीलापीर के पास, हनुमानगढ़ टाउन ने उस पर दबाव बनाया कि दुराचार के मामले में तुम्हारा चालान नहीं होगा। एफआर लगवा देंगे। यह कहकर उससे साढ़े आठ लाख रुपए के चेक ले लिए। चेक भी लड़की के नाम से न लेकर किसी अन्य के नाम से ले लिए। जब उसने कहा कि राजीनामा लड़की से हो रहा है तो चेक किसी अन्य के नाम से क्यों ले रहे हैं।
लेकिन उन्होंने साढ़े आठ लाख रुपए लेकर मामले में एफआर लगवा दी तथा लड़की का तलाक करवा दिया। शंकर भाटी ने जोधासिंह के इस कृत्य में हनुमान नाई निवासी सुजानगढ़ चूरू, कुंदनलाल नाई, पृथ्वीराज नाई निवासी टाउन व झूमरमल नाई निवासी सरदारशहर की ओर से भी सहयोग करने का आरोप लगाया। उप निरीक्षक चन्द्रभान ने बताया कि पांचों आरोपितों के खिलाफ भादंसं की धारा 420, 384, 166, 120बी में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
पहले तीन मामले
गौरतलब है कि एडवोकेट जोधासिंह के खिलाफ गत दिनों दिल्ली की नाबालिग लड़की की खरीद-फरोख्त कर उससे वेश्यावृत्ति कराने के बहुचर्चित मामले के आरोपितों से जमानत के नाम पर रुपए ऐंठने के आरोप में तीन अलग-अलग मामले दर्ज हुए थे। धोखाधड़ी के आरोप में मामले दर्ज होने के बाद से ही जोधासिंह भूमिगत है। इस मामले में आईजी की ओर से जांच अधिकारी भी बदला जा चुका है। जोधासिंह ने गत दिनों जिला कलक्टर को डाक रजिस्ट्री के जरिए बाल कल्याण समिति अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा मंजूर करने के लिए जिला कलक्टर के पास भेजा था। जिला कलक्टर ने इस्तीफे की प्रतिलिपि बाल अधिकारिता विभाग को भिजवा दी थी।