श्री गंगानगर

होटल को सीज करने के बजाय अभयदान

गोलबाजार में गांधी चौक स्थित होटल लैंडमार्क को सीज करने की प्रक्रिया पर रोक नगर परिषद सभापति अजय चांडक ने लगा दी।

2 min read

श्रीगंगानगर.

गोलबाजार में गांधी चौक स्थित होटल लैंडमार्क को सीज करने की प्रक्रिया पर रोक नगर परिषद सभापति अजय चांडक ने लगा दी। हालांकि होटल संचालक को पन्द्रह दिन का समय दिया गया है। आयुक्त की माने तो इन पन्द्रह दिनों में होटल संचालक कोर्ट से स्टे ले सकता है। नियमों के विपरीत हुए निर्माण को लेकर नगर परिषद आयुक्त के आदेश पर किरकिरी फेरने के बावजूद आयुक्त को उम्मीद है कि पन्द्रह दिनों के बाद होटल को सीज करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। अधिकारियों के तबादले के इस सीजन में आयुक्त अपने पद पर रहेगी या नहीं, लेकिन सीज की प्रक्रिया अब कानून की गुत्थी में जरूर उलझ जाएगी।

पिछले तीन वर्षों से कई लोगों ने इस होटल के निर्माण को लेकर शिकायतें की थीं, लेकिन परिषद प्रशासन ने नोटिस देने की खानापूर्ति की। नतीजन यह रहा कि यह होटल बनकर तैयार हो गया लेकिन कार्रवाई चाह कर भी पूरी नहीं हो पाई। पूर्व मंत्री के खासमखास कहे जाने वाले व्यापारी के इस होटल पर दो साल पहले नगर परिषद के तत्कालीन जेईएन सरदूल सिंह ने नोटिस चस्पा जरूर किया था लेकिन कार्रवाई नहीं की। इस बीच अधिवक्ता कुलदीप गार्गी ने कोतवाली में होटल संचालक के अलावा नगर परिषद आयुक्त सहित कई अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई, वहीं लोकायुक्त को शिकायत दर्ज कराई गई।

सभापति बोले, मैंने तो राज धर्म निभाया
सभापति अजय चांडक से बातचीत


सवाल: ऐसा क्या हुआ कि आपने नगर परिषद प्रशासन के विपरीत कदम उठाते हुए सीज की बजाय अभयदान दे दिया?


चांडक- मैंने तो राज धर्म निभाया है। इन दिनों शादियों का सीजन है और होटल में कई बुकिंग भी है। ऐसे में किसी के वैवाहिक कार्यक्रम को खराब करना हमारा मकसद नहीं है।


सवाल: आप तो किसी बड़े व्यापारी को फायदा पहुंचाने के लिए नियम कायदों की अनदेखी कर रहे हो ?


चांडक- ऐसा नहीं है, शहर का मौजिज और जिम्मेदार नागरिक भी हूं। हम नहीं चाहते है कि जल्दबाजी में किसी का नुकसान हो जाए।
सवाल- लेकिन नुकसान तो नगरपरिषद को हो रहा है, नियम कायदों की अनदेखी कर होटल का निर्माण कर लिया गया। अब कार्रवाई की बजाय आप बचाने में लगे हो ?


चांडक- हमने किसी का बचाव नहीं किया है। पन्द्रह दिन की मोहलत दी है। इस समय अवधि में होटल में रखा सामान निकाल लें ताकि सीज करने के बाद वह खराब न हो जाए। पन्द्रह दिन बीतने के बावजूद होटल संचालक ने कार्रवाई नहीं की तो सीज की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।


सवाल- सोशल मीडिया पर यह बात सामने आ रही है कि बड़ी डील हुई है, इसमें कितनी सच्चाई है।
चांडक- देखिए, ऐसी ओच्छी बातें कुछ लोग करते हंै। यह गलत सूचना है। कोई डील नहीं हुई, मौजिज लोगों के कहने पर
मोहलत दी है।

Published on:
03 May 2018 07:06 am
Also Read
View All