
श्रीकरणपुर.
पिछले कई दिन से कस्बे की गलियों में घूम रहे अनेक आवारा कुत्ते खुजली रोग से ग्रस्त देखे जा सकते हैं। इससे उनके शरीर के बाल भी झड़ चुके हैं। रोग से परेशान कुत्ते घरों व दुकानों आदि में घुसकर गंदगी फैलाते हैं। उचित उपचार नहीं मिलने से उनकी स्थिति बदतर होती जा रही है। इस संबंध में पूर्व पार्षद सुभाष बिश्नोई, पन्नालाल वर्मा व अन्य कई नागरिकों ने पशु चिकित्सा विभाग व नगरपालिका प्रशासन को भी अवगत करवाया है।
उनका कहना है कि ऐसे कुत्तों के काटने पर रेबीज आदि के फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस संबंध में कुत्तों को वैक्सीन करने की मांग की है। जेपी चौक के निकट दुकानदारों सोहन नागर, सोनू मनी व नंदू बागड़ी आदि ने बताया कि आवारा पशुओं की बीमारी बढऩे व मनुष्य पर दुष्प्रभाव की भी आशंका है। हालांकि पशु चिकित्सक ने राजस्थान पत्रिका संवाददाता से बातचीत में ऐसी किसी आशंका से इनकार किया है। उधर, अधिशासी अधिकारी लालचंद सांखला ने बताया कि कस्बे में खुजली रोग से प्रभावित कुत्तों की जानकारी मिली है। सोमवार को कार्मिकों को भेजकर ऐसे कुत्तों का चिन्हिकरण किया जाएगा। वहीं, पशु चिकित्सक से कहकर टीकाकरण भी करवाया जाएगा।
इजेंक्शन उपलब्ध है.
पशुओं में होने वाले खुजली रोग को डरमेटाइटिस (एक प्रकार का चर्म रोग) के नाम से जाना जाता है। नालियों की गंदगी, बालों में रेंगने वाली जुएं और चमगादड़ आदि इस रोग के वाहक हैं। प्राय: यह गर्मी में होने वाला रोग है। लेकिन कुछ कुत्तों में इस रोग के होने की जानकारी मिली है। रोग के उपचार के लिए आइवर मैटसिन नामक इंजेक्शन उपलब्ध हैं। लोग सहयोग करें तो मौके पर जाकर रोगी कुत्ते का टीकाकरण किया जा सकता है। आवारा व रोगी कुत्तों के उपचार के लिए नगरपालिका का सहयोग अपेक्षित है।’ डॉ.एमआर अग्रवाल, पशु चिकित्सक श्रीकरणपुर।