
श्रीगंगानगर.
नरमा बिजाई के लिए गंगनहर में 1800 क्यूसेक सिंचाई पानी देने की मांग को लेकर किसान बुधवार को कलक्ट्रेट पर महापड़ाव डालेंगे। महापड़ाव को सफल बनाने के लिए किसान गांव-गांव जा रहे हैं।
नरमा बिजाई के समय खाली नहरों से गुस्साए किसानों का आंदोलन को जोरदार समर्थन मिल रहा है। किसान नेताओं ने किसानों को बताया कि पंजाब से नहरबंदी के दौरान नहरें सूखी रही। जो पानी गंगनहर में चला है वह पंजाब की फैक्ट्रियों का दूषित पानी और शहरों के सीवरेज का गंदा पानी था। ऐसे में हमारे शेयर का पानी पंजाब के पास है जिसे हम लेकर रहेंगे।
किसानों की आंदोलन के दौरान मुख्य मांग अप्रेल के महीने का शेयर का पानी अब देने, दूसरा 20 मई के बाद जो डेम भराव का समय है उस वक्त भी 1400 क्यूसेक पानी के बजाय 2500 क्यूसेक पानी देने। गंगानगर किसान समिति के संयोजक रणजीत सिंह राजू ,सहसंयोजक विक्रमजीत सिंह और जितेन्द्र सिंह आदि ने केसरीसिंहपुर ब्लॉक के गुलाबेवाला, मलकानां, जोधेवाला, सुंदरपुरा, मोहलां, 11 एच, 12 एच, 12 क्यू संगतपुरा, 14 क्यू दौलतपुरा, मिर्जेवाला, नग्गी, रामगढ़, संगर, 2 एक्स, एक एक्स, 29 एच, 32 एच, 27 एच, 54 एफ, रुपनगर, 49 एफ, 47 एफ, 48 एफ, पदमपुर ब्लॉक 8 एनएन, डेलवां, संगतपुरा, 47 जीजी और श्रीबिजयनगर ब्लॉक में किसानों से सम्पर्क किया।
किसान संघर्ष समिति का जनसम्पर्क
किसान संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं अमर सिंह बिश्नोई सहित अन्य ने गांव कुंडलवाला, कालूवाला, सात एलएनपी, आठ एलएनपी, दस एलएनपी, गणेशवाला आदि गांवों में किसानों से संपर्क किया। प्रवक्ता सुभाष सहगल ने बताया कि मंगलवार को सूरतगढ़ रोड पर स्थित गांवों में संपर्क कर किसानों से महापड़ाव में आने का आह्वान किया गया।