सूरतगढ़ तापीय परियोजना के कोल हैंडलिंग प्लांट के सिक वैगन यार्ड
सूरतगढ़ थर्मल.
सूरतगढ़ तापीय परियोजना के कोल हैंडलिंग प्लांट के सिक वैगन यार्ड में काम करने वाले रेलवे के तकनीकी कर्मचारी कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाओं के आभाव में परेशानी का सामना कर रहे है।
गौरतलब है कि परियोजना के कोल हैंडलिंग प्लांट में कोयला आपूर्ति करने वाली गाड़ियों के रखरखाव एवम खराब हुए वैगन के देखरेख करने के लिए नियुक्त रेलवे के तकनीकी स्टाफ को परियोजना प्रशासन द्वारा दिये गए कमरों की दयनीय हालत के कारण कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
परियोजना में ड्यूटी कर रहे रेलवे के तकनीकी कर्मचारी फिरोज ने बताया कि परियोजना प्रशासन द्वारा दिये गये कमरों की छते जर्जर स्थिति में है।उनसे बरीश में पानी टपकता रहता है। कार्यस्थल पर पेयजल, शौचालय तक की व्यवस्था नही है। कमरों में पंखे तो दूर पर्याप्त विद्युत व्यवस्था भी नही है। इसके रात्रि के समय एवम गर्मी के दिनों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खराब हुए वैगन की मरम्मत करते है कर्मचारी-
सूरतगढ़ तापीय परियोजना में जलने वाले कोयले की आपूर्ति के लिए रोजाना परियोजना में कोयला लेकर आने वाली 5 से 6 गाड़ियों के डिब्बो के रखरखाव के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा रोजाना तीन कैरेज वैगन फीटर तकनीकी कर्मचारी दो शिफ्ट में लगाये गए है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के समान एवं उपकरण रखने के लिए परियोजना प्रशासन द्वारा वैगन टिपलर 3 -4 के नजदीक सिक वैगन यार्ड में बनाये गए इन कक्षो की हालत कबाड़ खाने से भी बदतर है जगह जगह गन्दगी का आलम है। आस पास फैले झाड़ झंकाड एवम सफाई के अभाव में बरसात के दिनों में जहरीले जानवरो का खतरा बना रहता है।
व्यवस्थाओं में करवाएंगे सुधार-
मुख्य अभियंता एम एल शर्मा ने बताया कि मेरे संज्ञान में अभी आया है, सिक वैगन यार्ड में कार्यरत्त रेलवे तकनीकी कर्मचारियों के कक्षो की व्यवस्थाओं में जल्द ही सुधार करवाया जाएगा।