-लालगढ़ जाटान हवाई पट्टी के सुविधा विहीन विश्राम गृह को यात्रियों के बैठने लायक बनाने के लिए बजट चाहिए। बजट मिलने पर ही विश्राम गृह का सुधार होगा।
श्रीगंगानगर.
लालगढ़ जाटान हवाई पट्टी के सुविधा विहीन विश्राम गृह को यात्रियों के बैठने लायक बनाने के लिए बजट चाहिए। बजट मिलने पर ही विश्राम गृह का सुधार होगा। इसके सुधार की जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंपी गई है। लेकिन बजट के अभाव में विभाग हाथ खड़े करने की मुद्रा में है। विश्राम गृह में फिलहाल न तो पानी-बिजली की व्यवस्था है और न ही बैठने की। ऐसे में यात्रियों को विश्राम गृह की दीवार या पेड़ों की छांव तले बैठकर विमान का इंतजार करना पड़ता है।
विश्राम गृह की पोल 10 जुलाई को उस समय चौड़े आई जब श्रीगंगानगर-जयपुर के बीच हवाई सेवा के उद्घाटन पर हवाई पट्टी पर कार्यक्रम हुआ। भीषण गर्मी और उमस से बचने के लिए कई लोग विश्राम गृह में गए तो वहां बैठने के लिए कोई जगह नहीं थी। कमरों के गेटों, बिजली की फिटिंग और शौचालय की टोंटियों पर चोर हाथ साफ कर चुके थे। कुल मिलाकर विश्राम गृह की हालत किसी भी सूरत में बैठने लायक नहीं। हवाई पट्टी पर पेयजल की भी कोई व्यवस्था नहीं।
जिम्मेदारी का बंटवारा
हवाई पट्टी पर व्यवस्थाओं के लिए जिला कलक्टर ने उद्घाटन के अगले ही दिन विभिन्न विभागों में जिम्मेदारी का बंटवारा कर दिया था। इसमें सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस विभाग, मेडिकल टीम की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को, फायर ब्रिगेड का नगर परिषद तथा विश्राम गृह सहित हवाई पट्टी पर अन्य सुविधाओं की जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण विभाग को दी थी। सुरक्षा, मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था संबंधित विभागों ने कर दी है। विश्राम गृह में चूंकि मरम्मत कार्य के साथ-साथ पानी-बिजली के कनेक्शन और यात्रियों के बैठने की व्यवस्था करनी है सो इसके लिए बजट चाहिए।
प्रशासन को प्रस्ताव
विश्राम गृह और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में पूछने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अधिकारी सुमन मनोचा ने बताया कि हवाई पट्टी पर बने विश्राम गृह की मरम्मत एवं गार्ड के लिए गुमटी निर्माण तथा रख रखाव एवं सफाई आदि व्यवस्था के बारे में प्रस्ताव शुक्रवार को जिला कलक्टर को सौंप दिया। उन्होंने बताया कि विश्राम गृह की मरम्मत और गुमटी निर्माण पर लगभग तीस लाख रुपए खर्च होंगे। इसमें पानी-बिजली का कनेक्शन सहित यात्रियों के बैठने आदि की व्यवस्थाओं पर होने वाला खर्च शामिल है। हवाई पट्टी के रखरखाव और सफाई आदि के लिए सालाना 11 लाख रुपए बजट मांगा गया है।
बजट मांग लिया है
हवाई पट्टी पर सुविधाओं के लिए सरकार से बजट की मांग की गई है। सरकार जिले की जनता को हवाई सुविधा उपलब्घ कराने और इसके विस्तार के प्रति गंभीर है, इसलिए बजट मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी। अब हवाई सेवा शुरू हो गई है तो हवाई पट्टी की सुरक्षा के लिए तीन चौकीदारों की नियुक्ति भी कर दी जाएगी जो आठ-आठ घंटे ड्यूटी करेंगे।
- ज्ञानाराम, जिला कलक्टर, श्रीगंगानगर