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राजस्थान: जहरीले सांप ने रेस्क्यूअर को ही काटा: पकड़ने के बाद वीडियो बनाते वक्त हुई चूक

एक खेत में जहरीले सांप को पकड़ने पहुंचे रेस्क्यूअर राजू भाटिया को एक छोटी सी लापरवाही के चलते सांप ने डस लिया।

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snake bite

रेस्क्यूअर राजू भाटिया और डिब्बे में सांप

Rajasthan News: अनूपगढ़। गांव नाहरांवाली में सोमवार दोपहर एक खेत में निकले जहरीले सांप को पकड़ने पहुंचे रेस्क्यूअर राजू भाटिया (पुत्र ओमप्रकाश) खुद उसी सांप का शिकार बन गए। राहत की बात यह रही कि समय पर अस्पताल पहुंचने और त्वरित उपचार से उनकी जान बचा ली गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खेत में सांप दिखने की सूचना पर राजू भाटिया को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने सावधानीपूर्वक सांप को काबू में किया। भाटिया ने बताया कि यह सांप रसेल वाइपर (स्थानीय भाषा में बांडी) प्रजाति का था, जिसे सबसे खतरनाक सांपों में गिना जाता है।

इसके जहर का असर बेहद तेजी से शरीर पर होता है और यह खून को जमने की प्रक्रिया को प्रभावित कर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। रेस्क्यू के बाद राजू भाटिया मौके पर ही सांप की प्रजाति और उसके खतरों के बारे में वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान एक छोटी सी गलती भारी पड़ गई।

उन्होंने एक हाथ में दस्ताना पहन रखा था, लेकिन दूसरा हाथ बिना सुरक्षा के था। वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान अचानक सांप ने बिना दस्ताने वाले हाथ की उंगली पर डंस लिया। सांप के डंक मारते ही कुछ ही मिनटों में आंखें भारी होने लगीं, शरीर में कमजोरी और घबराहट महसूस होने लगी।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उनके साथी ने बिना समय गंवाए उन्हें तुरंत अनूपगढ़ के राजकीय जिला चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल एंटी स्नेक वेनम लगाया और आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया शुरू की। डॉक्टरों की तेजी और सटीक उपचार के चलते जहर को शरीर में फैलने से रोक लिया गया। कुछ समय बाद राजू की स्थिति नियंत्रण में आ गई और एक बड़ी अनहोनी टल गई।

जरा सी कोताही साबित हो सकती है जानलेवा

गौरतलब है कि अनूपगढ़ क्षेत्र में हाल के समय में सांप के काटने के यह तीसरा मामला है और तीनों ही मामलों में चिकित्सकों की तत्परता से मरीजों की जान बचाई गई है। राजू भाटिया पिछले एक साल से अधिक समय से सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर उनके कई वीडियो भी मौजूद हैं, जिनमें वे लोगों को जागरूक करने का प्रयास करते नजर आते हैं।

लेकिन यह घटना यह भी बताती है कि अनुभव के बावजूद सुरक्षा में जरा सी कोताही जानलेवा साबित हो सकती है। डॉक्टर केएस कामरा ने कहा कि रसेल वाइपर जैसे जहरीले सांप का रेस्क्यू अत्यंत जोखिम भरा होता है। ऐसे कार्य के दौरान फुल सेफ्टी जरूरी है। साथ ही, बिना पेशेवर प्रशिक्षण के इस तरह के रेस्क्यू से दूर रहना ही समझदारी है।

इलाके में बढ़ रहे सांप

ग्राम पंचायत 27 ए के प्रशासक मनवीर सिंह ने बताया कि पिछले एक वर्ष में क्षेत्र में सांपों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है। उनके अनुसार, पहले खेतों में सांप बहुत कम नजर आते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं और आए दिन अलग-अलग स्थानों पर सांप दिखाई दे रहे हैं।

मनवीर सिंह ने बताया कि अब खेतों के बंधों, नहरों, खालों, नहर के पटड़ों और नर्सरी क्षेत्रों में अक्सर सांप नजर आते रहते हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले कोबरा जैसे जहरीले सांप बहुत कम दिखाई देते थे और इन्हें दुर्लभ माना जाता था, लेकिन वर्तमान में यह प्रजाति भी सामान्य रूप से नजर आने लगी है, जो चिंता का विषय है।