2 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: विधायक और अभियंता मारपीट प्रकरण गरमाया, सर्किट हाउस में आमने-सामने आए दोनों पक्ष, IAS ने ली रिपोर्ट

Rajasthan Politics: श्रीगंगानगर में विधायक और आरयूआईडीपी अधिकारियों के बीच मारपीट विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जिस पर सरकार ने सक्रियता दिखाई है।

2 min read
Google source verification
MLA and engineer assault case

सर्किट हाउस में यूडीएच शासन सचिव जानकारी लेते हुए। फोटो- पत्रिका

श्रीगंगानगर। भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी और आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा व दो अन्य कार्मिकों के बीच कथित मारपीट प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वायत्त शासन सचिव (IAS) रवि जैन शनिवार को श्रीगंगानगर पहुंचे और सर्किट हाउस में दोनों पक्षों से अलग-अलग मुलाकात कर घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी फीडबैक लिया।

बैठक में जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव, पुलिस अधीक्षक हरीशंकर, आईएएस अधिकारी गिरधर, एसडीएम नयन गौतम, आरयूआईडीपी के अधीक्षण अभियंता दीपक मांडण, एडीएम प्रशासन सुभाष कुमार और एडीएम रीना छींपा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जांच टीम में आरयूआईडीपी के परियोजना निदेशक अरविंद पोषवाल, अतिरिक्त परियोजना निदेशक संजय माथुर और अधीक्षण अभियंता आरडी गर्ग भी शामिल रहे।

विधायक ने भी रखा पक्ष, सुनियोजित हमला करना बताया

सर्किट हाउस में विधायक बिहाणी अपना पक्ष रखने पहुंचे तो उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे। बैठक के बाद बाहर आए समर्थकों ने एलएंडटी कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की और आरयूआईडीपी के कार्यों पर सवाल उठाए। विधायक बिहाणी ने जांच अधिकारी को बताया कि उन पर हुआ हमला सुनियोजित था और वे लंबे समय से आरयूआईडीपी व एलएंडटी के कार्यों में अनियमितताओं को उजागर कर रहे थे। उनके अनुसार इसी कारण कुछ अधिकारी उनसे रंजिश रखते हैं और इसी वजह से उन पर हमला किया गया।

सहायक अभियंता बैरवा ने भी रखा पक्ष

वहीं, सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा ने भी बैठक में उपस्थित रहकर अपना पक्ष रखा और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने विधायक पर मारपीट के आरोप दोहराए। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाने के बाद जांच टीम अब तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

इनका कहना है

दोनों पक्षों की बात ध्यान से सुनी गई है। अब संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। शहर में आरयूआईडीपी से जुड़ी जो समस्याएं सामने आई हैं, उनके समाधान के लिए संबंधित टीम को बुलाया गया है।

  • रवि जैन, स्वायत्त शासन सचिव, जयपुर

अफसर जनता को दुखी न करें, राजनेता उकसाएं नहीं: राठौड़

वहीं दूसरी ओर श्रीगंगानगर में सहायक अभियंता और भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी के बीच हुए विवाद पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि अधिकारियों को काम में तत्परता दिखानी चाहिए और जनता को परेशान नहीं करना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को भी कार्य कराने की प्रक्रिया समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनेताओं को कानून पर भरोसा रखना चाहिए और उकसाने वाली भूमिका से बचना चाहिए।

मीडिया से बातचीत में राठौड़ ने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, इसलिए किसी को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक्स पर दिए गए बयान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस मामले में दलित कार्ड खेलने की कोशिश की जा रही है, जो उचित नहीं है।