
सूरतगढ़.
सदर थाना क्षेत्र सरदारपुरा लाडाना की रोही में बुधवार देर शाम को जानवरों के मांस के टुकड़ों से भरे करीब डेढ़ दर्जन पैकेट बरामद होने के मामले में गुरुवार को वन विभाग की टीम व सदर पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से जांच करवाई। इसके साथ ही विभाग व सदर पुलिस ने सेना के अधिकारियों से सम्पर्क कर भी खाद्य पदार्थ के तौर पर मीट सप्लाई करने वाली कम्पनियों के बारे में जानकारी ली। पैकेटों में किस जानवर का मांस भरा है, यह अब एफएसएल रिपोर्ट आने पर ही पता चल पाएगा।
हालांकि पुलिस अनुसंधान में प्रथम दृष्टया यह मांस खाद्य पदार्थों की सप्लाई करने वाली किसी कम्पनी का होने तथा इसकी एक्सपायरी डेट निकलने के कारण फेंकने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय वन अधिकारी राजकुमार बेनीवाल, सदर थानाधिकारी सुरेन्द्र पचार मेडिकल बोर्ड की टीम लेकर गुरुवार सुबह मौके पर पहुंचे। क्षेत्रीय वन अधिकारी ने बताया कि सरदारपुरा लाडाना की रोही के पास देर शाम को मृत पशुओं के मांस के टुकड़ों से भरे प्लास्टिक से भरे पन्द्रह पैकेट मिले थे। जिनका वजन लगभग पन्द्रह किलो है। इन पर एक्सपायरी डेट भी लिखी है।
एक समान वजन होने तथा उपयोग अवधि के उल्लेख के कारण इनका उपयोग खाद्य सप्लाई में होने का अंदेशा है। इस संबंध में सेना के अधिकारियों से सम्पर्क भी साधा गया। जहां से यह जानकारी मिली कि हरियाणा की एक कम्पनी मीट की सप्लाई का कार्य कर रही थी। जिसका अनुबंध 31 मार्च को समाप्त हो चुका है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि कम्पनी ने खराब हो चुके मांस के पैकेटों को फेंका होगा। हालांकि मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
यह है मामला
इंदिरा गांधी नहर परियोजना की आरडी 253 के नजदीक लडाना गांव की पुलिया के पास बुधवार देर शाम प्लास्टिक थैलियों में अज्ञात जानवर के मांस मिलने के बाद ग्रामीणों में रोष फैल गया। सड़क से गुजर रहे राहगीरों को बदबू आने पर आसपास तलाश की तो 15प्लास्टिक की थैलियों में पैक किया हुआ मांस मिला। पैक की हुई थैलियों पर हरियाणा की किसी सप्लायर कंपनी का टैग भी लगा मिला। सूचना मिलने पर सदर पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। ग्रामीणों ने पैकेटों में हरिण अथवा अन्य वन्यजीवों के मांस होने की आशंका जताई। जिसके बाद पुलिस व वन विभाग ने जांच प्रारंभ कर दी है।