संभाग में श्रीगंगानगर की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां 962 में से 892 प्रकरण लंबित हैं। बीकानेर में 1097 में से 940, चूरू में 889 में से 830 और हनुमानगढ़ में 261 में से 141 प्रकरणों में कार्रवाई नहीं हो सकी। खासकर चूरू में 606 मामलों में अनुपालना रिपोर्ट तक अपलोड नहीं हुई, जो लापरवाही का बड़ा उदाहरण है।
-कृष्ण चौहानश्रीगंगानगर.मनरेगा में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे सामाजिक अंकेक्षण की हकीकत चौंकाने वाली सामने आई है। बीकानेर संभाग के चार जिलों में श्रीगंगानगर, बीकानेर,चूरू और हनुमानगढ़ में कुल 3209 प्रकरण दर्ज हुए, लेकिन इनमें से 2803 मामलों में अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।चौंकाने वाली बात यह है कि 2553 प्रकरणों में अनुपालना रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर दी गई, लेकिन इनमें से केवल 406 मामलों को ही बंद किया जा सका। यानी अधिकांश मामलों में कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रही। सामाजिक अंकेक्षण में उजागर हुई गड़बडिय़ों के बावजूद न तो वसूली हुई और न ही जिम्मेदारों पर प्रभावी कार्रवाई की गई।
संभाग में श्रीगंगानगर की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां 962 में से 892 प्रकरण लंबित हैं। बीकानेर में 1097 में से 940, चूरू में 889 में से 830 और हनुमानगढ़ में 261 में से 141 प्रकरणों में कार्रवाई नहीं हो सकी। खासकर चूरू में 606 मामलों में अनुपालना रिपोर्ट तक अपलोड नहीं हुई, जो लापरवाही का बड़ा उदाहरण है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 से फरवरी 2026 तक की इस स्थिति ने मनरेगा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत सरकार ने भी इस पर चिंता जताई है। इसके बाद ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सख्ती दिखाते हुए संभागीय आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मनरेगा के तहत हुए कार्यों की जांच जिला,ब्लॉक और ग्राम स्तर के संसाधन व्यक्तियों द्वारा की जाती है। इसमें गड़बडिय़ां,अनियमितताएं और वसूली के मामलों को चिन्हित कर पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड की जाती है, जिसके आधार पर संबंधित सरपंच,ग्राम विकास अधिकारी या अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित होती है।
श्रीगंगानगर जिले की विभिन्न पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में कार्यरत एक संसाधन व्यक्ति ने नाम नहीं छापने पर बताया कि मनरेगा में हालात चिंताजनक हैं। उनका कहना है कि करीब 60 प्रतिशत कार्य ही सही तरीके से हो रहे हैं, जबकि शेष 40 प्रतिशत कार्यों में अनियमितताएं और गड़बडिय़ां सामने आ रही हैं।
मनरेगा में सामाजिक अंकेक्षण को लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव का डीओ पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें बीकानेर संभाग के सभी जिला कलक्टरों और जिला परिषद के सीईओ को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
-विश्राम मीणा,संभागीय आयुक्त,बीकानेर