-जिला कलक्टर के आदेश पर डीईओ ने की अनुशासनात्मक कार्रवाई
श्रीगंगानगर.
राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मिड-डे-मील में गड़बड़ी निरीक्षण के दौरान पकड़ी गई। इस पर जिले के तीस सरकारी स्कूलों के संस्था प्रधानों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। अब इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। शुक्रवार को जिला कलक्टर ज्ञानाराम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक में कलक्टर ने इसके लिए डीईओ हरचंद गोस्वामी को पाबंद किया है। इसमें मिड-डे-मील के संघन एवं औचक निरीक्षण की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि 26 व 27 फरवरी को 111 अधिकारियों ने जिले के 464 विद्यालयों में पोषाहार की व्यवस्थाओं के लिए निरीक्षण किया गया।
इस निरीक्षण में जिले के 30 विद्यालयों में पोषाहार में अनियमितताएं पाई गई थी। इस पर राजस्थान पत्रिका ने 11 मार्च को ' जिले के तीस सरकारी स्कूलों के पोषाहार में घालमेल 'शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर पोषाहार में गड़बड़ी का खुलासा किया था। इसके बाद जिला कलक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक को संबंधित संस्था प्रधानों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। स्कूलों में पोषाहार पकाने के लिए गैस कनेक्शन सहित अन्य व्यवस्थाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। कुक कम हैल्पर के मानदेय के लिए अगस्त 2018 तक की राशि जारी की गई। इसके अलावा जिले के 116 स्कूलों के संस्था प्रधान हर माह की रिपोर्ट और 192 स्कूलों के संस्था प्रधान प्रतिदिन बीएसएमएस से प्रतिदिन पोषाहार से संबंधित सूचनाएं नहीं दे रहे हैं। जिला कलक्टर ने सख्ती से कार्रवाई करते हुए 17 सीसी ए के तहत नोटिस जारी करने के लिए पाबंद किया है।
इन संस्था प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई
शिक्षा विभाग के अनुसार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तीन वाई,10 सरकारी, पांच डब्ल्यू,13 एफएफ, 16 एएस,54 एफबी, छह एम, कीकरवाली, बख्तावपुरा, सुखचैनपुरा, 11 एच, 10 बीएलएम व सात डीओएल स्कूल शामिल है। इसके अलावा राजकीय प्राथमिक विद्यालय 72 आरबी, 18 आरबी,17 व 18 एसडी, तीन आरबी बी,13 ईई,20 ओ,एक आरटीएस, 9 एलएसएम, 3 पीजीएम,17 एएस,सात पी व चार पी,एक बीकेएम, राजकीय प्राथमिक विद्यालय संस्कृत मन्नीवाली, 20 बीबी प्रथम, 20 बीबी द्वितीय की जांच में पोषाहार के रिकॉर्ड संधारण आदि में घालमेल की पुष्टि हुई थी। अब जिला शिक्षा अधिकारी ने जिला कलक्टर के आदेश पर इन स्कूलों के संस्था प्रधानों को नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।