-जिला परिवहन कार्यालय की खिड़की पर लंबी कतारें
श्रीगंगानगर.
परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाने के बाद से आम लोगों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।डीटीओ कार्यालय खुलते ही ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण तथा लाइसेंस बनवाने के लिए आने वाले लोगों की लंबी कतारें लग जाती है। हालांकि लाइसेंस बनाने संबंधी कार्यों को ऑनलाइन कर दिया गया है। मगर पुराने लाइसेंसों को अपडेट करवाने के लिए अब भी मैन्युअल कार्य हो रहा है। इसका मुख्य कारण सर्वर का धीमा चलना बताया गया है। पुराने लाइसेंसों को नवीनीकरण करवाने के लिए केवल एक विंडो काम कर रही है। परिवहन विभाग में एक ही खिड़की पर सारा काम हो रहा है। इसलिए लंबी कतारें लगना आम बात है। डीटीओ ऑफिस में लाइसेंस को बनवाने के लिए बार-बार चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़े इसके लिए परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया था।
मगर लोगों को अब भी इससे कोई राहत नहीं मिली है। ऑनलाइन प्रक्रिया में परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर एप्लीकेशन फार्म को भरना होता है इसमें पहचान के दो दस्तावेज और जन्म संबंधी दस्तावेज स्कैन कर इसे अपलोड करना पड़ता है।परिवहन विभाग से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अपनी सुविधा के अनुसार तारीख ली जा सकती है। आवेदक को उसी दिन डीटीओ कार्यालय जाकर अन्य फार्मलिटी पूरी करनी होती है। ऑनलाइन आवेदन के लिए आम आदमी ई-मित्रा कार्यालय से मदद ले सकते हैं। लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए यह योजना शुरू की गई पर हकीकत में अब भी इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए लोगों को एजेंटों की जरूरत महसूस हो रही है।
जिला परिवहन अधिकारी जुगल किशोर माथुर का कहना है कि स्टाफ की कमी के चलते एक ही खिड़की पर बाबू लगाया गया है। पुराने लाइसेंसो को अपडेट करने के लिए कम से कम 10 मिनट लग जाते है।यह सारा काम अभी मैन्युअल कर उसे जयपुर भिजवाया जा रहा है। एक सप्ताह के बाद लाइसेंस संबंधी सभी काम पूरे तौर से अपडेट हो जाएंगें और उसके बाद खिड़की पर आम लोगों की कतार नजर नहीं आएगी।