
श्रीगंगानगर.
पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग में ग्राम पंचायत,पंचायत समिति व जिला परिषद के रिकॉर्ड को लेकर जिला परिषद सीईओ इन दिनों काफी गंभीर दिख रही है।
ग्राम पंचायत व पंचायत समितियों के निरीक्षण में यह बात सामने आई है कि किसी कार्मिक का तबादला होने पर एक-दूसरे को रिकॉर्ड का लेन-देने समय पर नही होता है और इसमें बहुत ज्यादा लापरवाही बरती जा रही है। अधिकांश ग्राम पंचायतों में यह देखने में भी आया है कि रिकॉर्ड का पूरा लेनदेन नहीं किया जा रहा है। इसको जिला परिषद सीईओ चिमन्यी गोपाल ने बहुत ही गंभीरता से लिया है। उल्लेखनीय है कि श्रीगंगानगर जिले में नौ पंचायत समितियां है और 336 ग्राम पंचायतें हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिले की बहुत से ग्राम पंचायतों में रिकॉर्ड पूरा मिलता हीनहीं। कई ग्राम पंचायतों में रिकॉर्ड सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी घर पर रखते हुए हैं। इस कारण ग्राम पंचायतों में गड़बडिय़ां हो रही है।
बीडीओ से लिया जाएगा प्रमाण-पत्र
जिला परिषद सीईओ ने पंचायत समिति श्रीगंगानगर,सादुलशहर, सूरतगढ़, श्रीकरणपुर, पदमपुर, रायसिंहनगर, श्रीविजयनगर, अनूपगढ ़व घड़साना पंचायत समिति के विकास अधिकारियों को एक परिपत्र जारी कर हर ग्राम पंचायत व पंचायत समिति का रिकॉर्ड अपडेट रखने और कार्मिक का तबादला होने पर रिकॉर्ड का लेनेदेन तुरंत प्रभाव से करने के लिए पाबंद किया है। इस संबंध में हर पंचायत समिति के विकास अधिकारी को यह प्रमाण-पत्र देना होगा कि इस पंचायत समिति क्षेत्र में किसी भी ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड का लेनदेन अधूरा नहीं है। प्रमाण-पत्र देने के बावजूद किसी ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड अधूरा मिलता है तो संबंधित पंचायत समिति के अधिकारी व रिकॉर्ड हैंडओवर-टैकन ओवर नहीं करने वाले कार्मिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट फाइल
जिले में पंचायत समितियां - 09
जिले में ग्राम पंचायतों - 336