
#join BJP इलाके के कई कांग्रेसी और आम आदमी पार्टी से जुड़े नेताओं ने लोकसभा चुनाव में भाजपा ज्वाइनिंग कर ली। जयपुर में करीब डेढ़ सौ लोगों ने भाजपा का दामन थाम लिया। वहीं अनूपगढ़ की पूर्व विधायक शिमला बावरी और संगरिया की गुलाब सिंवर की घर वापसी हो गई है। बावरी ने अनूपगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ा था और वहीं संगरिया में सिंवर भी टिकट नहीं मिलने पर नाराज होकर बागी उम्मीदवार के रूप में ताल ठोकी थी, ये दोनोें महिलाएं अपने अपने क्षेत्र चुनाव हार गई थी। बुधवार को वापस पार्टी की सदस्यता ज्वाइन कर ली।इस बीच, भाजपा खेम में इसमें सबसे ज्यादा चर्चित चेहरा पूर्व सांसद शंकर पन्नू हैं। पन्नू वर्ष 1995 में जिला प्रमुख बने थे। इसके बाद वे 1998 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट लेकर सांसद निर्वाचित हुए। लेकिन केन्द्र की अटल बिहारी सरकार महज 13 महीने में गिरी तो मध्यावधि चुनाव हो गए। वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने फिर से पन्नू पर दांव खेला लेकिन वे चुनाव हार गए। इसके बाद वर्ष 2003 में हनुमानगढ़ जिले की टिब्बी विधानसभा की सुरक्षित सीट से वर्ष 2003 में विधायक बनने के लिए चुनाव लड़ा लेकिन हार का मुंह देखना पड़ा। इसके बाद कांग्रेस हाइकमान की मेहरबानी रही और वर्ष 2014 में बीकानेर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा लेकिन वहां भी हार से पीछा नही छूटा तो वर्ष 2022 में जिला परिषद डायरेक्टर निर्वाचित हुए। फिर से जिला प्रमुख बनने की दौड़ में सबसे आगे थे लेकिन कांग्रेस ने यू टर्न करते हुए जिला प्रमुख की टिकट कुलदीप इंदौरा को दे दी। पन्नू फिलहाल जिला परिषद डायरेक्टर है। इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दावेदार थे लेकिन उनके वयोवृद्ध की बात कहकर टिकट नहीं दी। इससे खिन्न होकर पन्नू ने भाजपा ने जाने का निर्णय किया। इधर, श्रीकरणपुर विधानसभा की राजनीति में लंबे समय से कांग्रेस और पिछले साल आम आदमी पार्टी का दामन थामन करने वाले पृथीपाल सिंह संधू भी अब भाजपाई बन गए है। विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा में आने का मानस भी बनाया था लेकिन पूर्व मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी के समर्थकों ने संधू की एंट्री नहीं होने दी। करणपुर उपचुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त मिली थी। तब से संधू भाजपाइयों के संपर्क में थे।
अब भाजपा का गढ़ हुआ मजबूत
संगरिया से भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ी गुलाब सिंवर की पार्टी में वापसी हो गई है। सिंवर हनुमानगढ़ भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रह चुकी है। लेकिन विधानसभा चुनाव में संगरिया से टिकट कटी तो बागी होकर चुनाव लड़ा। तेज तर्रार इस नेत्री की वापसी से संगरिया में भाजपा खेमा मजबूत होगा। इधर, अनूपगढ़ विधानसभा में पूर्व विधायक शिमला बावरी ने भी घर वापसी करते हुए भाजपा का दामन थाम लिया। बावरी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया था लेकिन लोकसभा चुनाव में बावरी समाज को साधने के लिए भाजपा हाइकमान ने उनका निष्कासन निरस्त कर दिया है। वहीं, रायसिंहनगर की युवा कांग्रेस नेत्री कंचन नायक भी भाजपा में शामिल हो गई। नायक को अनूपगढ़ जिले के लिए महिला कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष भी मनोनीत किया था लेकिन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कंचन नायक पर भरोसा नहीं दिखाया। उधर, सूरतगढ़ नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन इंजीनियर बनवारीलाल मेघवाल ने भी भाजपा ज्वाइनिंग कर ली। इस बीच, जिला मुख्यालय पर यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष और अग्रवाल जागृति मंच के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल भी अब कांग्रेस को अलविदा कर भाजपा में आ गए। अग्रवाल कई संगठनों पर सक्रिय पदाधिकारी के रूप में काम भी कर रहे है।