
Rajasthan Netewala School Students Protest
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के तबादलों के बाद अक्सर राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद सामने आते हैं, लेकिन श्रीगंगानगर जिले के नेतेवाला क्षेत्र से एक बेहद भावुक और आंखें नम कर देने वाली जमीनी तस्वीर सामने आई है। नेतेवाला स्थित स्थानीय महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में गुरुवार की सुबह जैसे ही विद्यार्थियों को यह सूचना मिली कि उनके सबसे पसंदीदा गणित के वरिष्ठ अध्यापक बलकरण सिंह का स्थानांतरण कहीं और कर दिया गया है, तो बच्चों का दर्द फूट पड़ा। स्कूल का समय होने से पहले ही सैकड़ों छात्र-छात्राएं विद्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्रित हो गए और वहीं जमीन पर बैठकर एक शांतिपूर्ण सांकेतिक धरना शुरू कर दिया। इन मासूम बच्चों की केवल एक ही मांग थी कि उनके प्रिय शिक्षक का तबादला तुरंत रद्द किया जाए ताकि बीच सत्र में उनकी गणित की पढ़ाई प्रभावित न हो।
नेतेवाला के इस सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ने वाले ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए गणित जैसे कठिन विषय को सरल भाषा में समझाने वाले शिक्षक बलकरण सिंह एक मजबूत सहारा थे। बोर्ड और गैर-बोर्ड कक्षाओं के छात्रों का कहना है कि सत्र 2026-27 की पढ़ाई अभी ठीक से शुरू ही हुई थी कि बीच मझधार में बेहतरीन शिक्षक को हटा दिया गया।
बच्चों ने "हमारे सर का ट्रांसफर रोको" और "हमें बलकरण सर से ही पढ़ना है" की बात कहते हुए विरोध दर्ज कराया। बच्चों का यह अनूठा प्रदर्शन देखकर सुबह स्कूल आने वाले अन्य स्टाफ सदस्य और राहगीर भी भावुक हो गए।
जैसे ही गांव के सरकारी स्कूल के गेट पर बच्चों के धरने पर बैठने की खबर पूरे नेतेवाला में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और स्थानीय नागरिक भी स्कूल परिसर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बच्चों की मांग को पूरी तरह जायज ठहराते हुए उनके धरने को अपना पूरा समर्थन दे दिया।
ग्रामीण पंचों और अभिभावकों ने कहा कि यह केवल एक शिक्षक के लगाव का मामला नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर गांव के गरीब बच्चों के भविष्य और स्कूल की शैक्षणिक गुणवत्ता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में जब कोई अच्छा शिक्षक बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाता है, तो उसका प्रशासनिक कारणों से तबादला कर दिया जाता है, जिससे स्कूल का परीक्षा परिणाम बिगड़ जाता है।
स्कूल गेट पर बढ़ते प्रदर्शन और ग्रामीणों के जमावड़े को देखते हुए स्कूल की प्रधानाचार्य प्रियंका यादव और अन्य वरिष्ठ स्टाफ सदस्यों ने तुरंत मोर्चा संभाला। प्रधानाचार्य प्रियंका यादव ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों से बेहद संवेदनशीलता के साथ लंबी बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
प्रधानाचार्य ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि स्कूल प्रशासन पूरी तरह बच्चों के साथ है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों और ग्रामीणों की इस सामूहिक मांग और उनकी भावनाओं से शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी लिखित रूप में तुरंत अवगत करा दिया गया है।
प्रधानाचार्य के हस्तक्षेप के बाद शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि नेतेवाला स्कूल के बच्चों की पढ़ाई को किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और वैकल्पिक व्यवस्था या इसी आदेश की समीक्षा पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों के इस भरोसे के बाद बच्चों ने अपना सांकेतिक धरना समाप्त किया और कक्षाओं में पढ़ने गए।
Updated on:
10 Jul 2026 11:54 am
Published on:
10 Jul 2026 11:54 am
