
श्रीगंगानगर.
शहर में सड़क हादसे रोकने के लिए नो-एक्सीडेंट डे की तर्ज पर अब पुलिस ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए नो-हॉर्न डे भी मनाएगी। इसके तहत वाहन चालकों को जागरूक किया जाएगा। इसके बाद एक दिन इसके लिए निश्चित किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे रोकने के लिए दो बार नो-एक्सीडेंट डे मनाया जा चुका है। अब ध्वनि प्रदूषण रोकने का भी प्रयास है। इसके लिए नो-हॉर्न डे मनाया जाएगा। इसे सफल बनाने के लिए विभिन्न संस्थाओं व विद्यालयों को शामिल कर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वाहन चालकों को हॉर्न का प्रयोग नहीं करने के लिए समझाया जाएगा।
जागरूकता रैली निकाली जाएगी। विभिन्न नाकों पर वाहन चालकों को समझाया जाएगा कि शहर के बीच से निकलते समय वे हॉर्न नहीं बजाएं। शहर में जगह-जगह तख्तियां भी लगाई जाएंगी। बाहर से आने वाले वाहन चालकों के लिए शहर के प्रवेश स्थलों पर जागरूकता बैनर लगाए जाएंगे।
इनका लेंगे सहयोग
- रोडवेज, लोक परिवहन बस और निजी बस ऑपरेटर्स, टेम्पो यूनियन आदि संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। इन संगठनों के अधिकारियों व पदाधिकारियों से प्रेशर हॉर्न नहीं बजाने के लिए आग्रह किया जाएगा।
मिल सकेगी राहत
- अगर यह प्रयोग सफल रहा तो दुकानदारों, रोड के आसपास रहने वालों, राहगीरों और खरीदारी करने आए लोगों को ध्वनि प्रदूषण से राहत मिल सकेगी।
यहां हो सकता है सफल
- पुलिस का मानना है कि श्रीगंगानगर में यह प्रयोग सफल हो सकता है। यहां से बड़ी संख्या में लोग विदेशों में आते-जाते रहते हैं और वहां नो-हॉर्न जोन बने हुए हैं। ऐसे में वहां से लौटकर आए लोगों को इसका पता है कि शहर में हॉर्न नहीं बजाया जाना चाहिए।
इनका कहना है
- पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नो-एक्सीडेंट डे की तर्ज पर ही अब शहर में नो-हॉर्न डे मनाया जाएगा। इसके लिए पुलिस तैयारी कर रही है। पहले इसके लिए वाहन चालकों को जागरूक किया जाएगा।
तुलसीदास पुरोहित, सीओ सिटी श्रीगंगानगर।