'जल ही जीवन है और पानी की एक-एक बूंद की बचत करने के उद्देश्य से श्रीगंगानगर जिले में जल संक्षरण का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है।
श्रीगंगानगर.
'जल ही जीवन है और पानी की एक-एक बूंद की बचत करने के उद्देश्य से श्रीगंगानगर जिले में जल संक्षरण का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना में चतुर्थ फेज में प्री-सर्वे का कार्य ग्राम पंचायतों में किया जा रहा है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने इसके लिए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को इसके लिए पाबंद किया हुआ है। इसकी अनुपालना में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पंचायत समिति श्रीगंगानगर, सादुलशहर, सूरतगढ़, श्रीकरणपुर,पदमपुर, रायसिंहनगर, श्रीविजयनगर, अनूपगढ़ व घड़साना के विकास अधिकारियों को इस कार्य को निर्धारित समय में पूर्ण करवाने के आदेश दिए हैं। 'जल ही जीवन है और पानी की एक-एक बूंद की बचत करने के उद्देश्य से श्रीगंगानगर जिले में जल संक्षरण का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है।
श्रीगंगानगर जिले की 36 ग्राम पंचायतों के 260 गांवों में प्री-सर्वे चल रहा है।उल्लेखनीय है कि जिले में प्रथम, द्वितीय और तृतीय फेज में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना में 154 ग्राम पंचायतों में 1370 गांवों में 136 करोड़ 14 लाख रुपए की राशि खर्च की जा चुकी है। तृतीय फेज में 1186 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए थे और इनमें 175 निर्माण कार्य कंप्लीट हो चुके हैं और अन्य कार्य चल रहे हैं।
चार ग्राम पंचायतों में चल रहा है कार्य
पंचायत समिति श्रीगंगानगर की ग्राम पंचायत कालियां, चार जैड, कौनी व 11 एलएनपी में प्री-सर्वे के लिए टीम काम करी है। 15 मई तक प्री-सर्वे जिले की नौ पंचायत समितियों में कंप्लीट होने के बाद इसकी डीपीआर तैयार की जाएगी। इसी डीपीआर के आधार पर जल संरक्षण से संबंधित कार्य चतुर्थ फेज में शामिल किए जाएंगे।
चल रहा है कार्य
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के चतुर्थ फेज में प्री-सर्वे का कार्य चिन्हित ग्राम पंचायतों में चल रहा है। इसके लिए तकनीकी टीम गांव में मौका पर जाकर कार्य कर रही है। इसके बाद डीपीआर तैयार की जाएगी।
-गुरतेज सिंह बराड़, विकास अधिकारी, पंचायत समिति श्रीगंगानगर।