
श्रीगंगानगर. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। करीब 36 घंटे में यह दूसरी बड़ी खेप पाकिस्तान से आई है। पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से मंगवाई गई 2 किलो 340 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 करोड़ रुपए आंकी गई है। हालांकि बीएसएफ की सक्रियता से डिलीवरी लेने आए तस्कर मौके पर अपने कपड़े और बैग छोड़कर फरार हो गए। जिला पुलिस अधीक्षक हरि शंकर ने बताया कि राज्य सरकार की मादक पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जिले में लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस और सीमा सुरक्षा बल की टीमों ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। एसपी के अनुसार श्रीकरणपुर थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान बीएसएफ की 163 बटालियन के बीओपी 3 एफसी प्रभारी उपनिरीक्षक अतुल शर्मा ने सूचना दी कि 1 एफसी रोही क्षेत्र स्थित दिलबाग सिंह के खेत में संदिग्ध मादक पदार्थ हो सकता है। इस सूचना पर पुलिस और बीएसएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान खेत से 2 किलो 340 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इसके साथ ही एक काला बैग, जैकेट, गर्म शॉल, लोवर और दो जोड़ी जूते भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हेरोइन ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भेजी गई थी, जिसे तस्करों की ओर से यहां रिसीव किया जाना था। इसप्रकरण की जांच समेजा कोठी थाना प्रभारी कृष्ण कुमार को सौंपी गई है। पुलिस अब तस्करी के इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं। विदित रहे शनिवार देर रात करणपुर एरिया के गांव 17 ओ के पास चार युवकों से 12.167 किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 60 करोड़ से अधिक बताई गई है। यह खेप पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आई थी।
एसपी बोले, संगठित अपराध कानून में करेंगे गिरफतारी
इधर, एसपी हरीशंकर ने बताया कि यह मामला सिर्फ एनडीपीएस एक्ट का नहीं है बल्कि संगठित अपराध कानून के तहत संगीन अपराध है। ऐसे में अब संगठित अपराध के तहत आरेापियों को गिरफ्तारी की जाएगी। उन्हेांने बताया कि पाक से लगातार आ रही ड्रोन ड्रॉपिंग के मामले को देखते हुए बीएसएफ हाई अलर्ट पर है। उन्हेांने बताया कि इस मामले में आरोपियों के बारे में इनपुट मिले है, इस प्रकरण की गुत्थी जल्द सुलझाई जाएगी।
फिरोजपुर और जलालाबाद पुलिस से मांगी मदद
इस बीच, पुलिस ने पंजाब के फिरोजपुर और जलालाबाद पुलिस अधीक्षकों से पिछले 36 घंटे में लगातार दो बार आई हेरेाइन कीखेप तस्करी से जुड़े पंजाब के ड्रग माफिया गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी मांगी है। इसके बाद संबंधित ठिकानों पर जाकर दबिश दी जाएगी। पंजाब के इन दोनों जिलों से ड्रग माफिया के लोग श्रीकरणपुर एरिया के अलावा रावला क्षेत्र में सक्रिय है। ऐसे तस्कर बॉर्डर एरिया में अपने रिश्तेदारों के यहां आकर ठहरते है और ड्रोन आने का इंतजार करते है। ड्रोन जैसे ही हेरोइन की खेप की ड्राॉपिंग करते है तब ये लोग संबंधित लोकेशन पर जाकर डिलीवरी लेते है। इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस प्रशासन ने उन सभी तस्करों की सूची मांगी है, जिनके संबंध श्रीगंगानगर जिले के बॉर्डर एरिया में है।
अब तक 16 बार आ चुकी है खेप
श्रीकरणपुर एरिया में तस्करी पंजाब के ड्रग माफिया के निशाने पर है। यहां वर्ष 2022 से लेकर अब तक 16 बार हेरोइन की तस्करी सीमा पार आ चुकी है।इस एरिया में पंजाब के ड्रग माफिया के जुड़े लोगों के साथ रिश्तेदारी का संबंध होने की वजह से यह नेटवर्क पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। हालांकि समय समय पर सूचना मिलने पर पुलिस ने कई आरोपियों को दबोचा भी है। लेकिन इस नेटवर्क को अब तक पुलिस भेद नहीं पाई है। ऐसे में पिछले 36 घंटे में दो बार ड्रोन के माध्यम से हेरोइन की खेप श्रीकरणपुर क्षेत्र में गिराई जा चुकी है। बीएसएफ की सक्रियता की वजह से इस बार यह खेप तस्कर ले जाने की बजाय छोड़ने को मजबूर हुए।
Updated on:
06 Apr 2026 11:34 pm
Published on:
06 Apr 2026 11:33 pm
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