श्री गंगानगर

विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को बढ़ावा

-भ्रमण और खेल गतिविधियों पर खर्च होंगे 1.07 करोड़ रुपए
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  • श्रीगंगानगर. प्रदेश भर में समावेशी शिक्षा के तहत कक्षा 1 से 12 में अध्ययनरत विशेष आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं को मुख्यधारा में समायोजन करना है। उनकी अन्तर्निहित योग्यताओं को बढ़ाकर उत्साहवर्धन करने, शैक्षिक एवं थैरेपेटिक संबलन प्रदान करने तथा इनमें अधिकारों व क्षमताओं के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जाना है। इस कड़ी में शिक्षा विभाग ने सत्र 2024- 25 के लिए राज्य के 358 ब्लॉक के विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए 1 करोड़ 7 लाख 40 हजार रुपए की राशि आवंटित की गई है। इसमें वार्षिक खेल गतिविधियां एवं एक्सपोजर विजिट का प्रावधान किया गया है। परिषद् ने कार्यक्रम के लिए प्रति ब्लॉक अधिकतम 34500 रुपए का बजट दिया है।

दिव्यांगता और आयु के आधार पर होंगी गतिविधियां

  • इन बच्चों को खेल गतिविधियां दिव्यांगता व आयु के आधार पर होगी। विजेताओं एवं अन्य सभी संभागियों को सांत्वना पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र भी मिलेंगे। जिला स्तर पर बैडमिंटन, कबड्डी, वॉलीबाल, फुटबाल, क्रिकेट,टेबिल टेनिस, खो-खो, रूमाल झपट्टा, रस्सा कशी, चम्मच दौड़, लोग जम्प, हाई जम्प, थ्रोइंग, 50 व 100 मीटर की दौड, ट्राई साईकिल दौड़, पैसाखी दौड़, तेज चाल, कुर्सी दौड़, गुब्बारा फोड़, जलेबी दौड़ को शामिल किया गया है।

एक्सपोजर विजिट में चयनित होंगे 15 विद्यार्थी

  • सितम्बर व अक्टूबर में एक्सपोजर विजिट में विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की ऐतिहासिक स्थली, राष्ट्रीय महत्व के स्मारक, राज्य में संचालित विशेष विद्यालय, संदर्भ कक्ष, बैंक, रेलवे स्टेशन, डाकघर, म्यूजियम, चिडिय़ाघर एवं विभिन्न गैर सरकारी संगठनों की ओर से संचालित गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी। अन्तर्जिला एक्सपोजर विजिट राज्य के सभी 33 जिलों में होंगे। इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक से अधिकतम 15 संभागियों का चयन किया जा सकेगा।

बजट का गणित

  • प्रदेश में कुल संदर्भ केंद्र: 358
  • आवंटित राशि: 1.07 करोड़
  • गंगानगर का बजट: 2.7 लाख
  • बीकानेर का बजट: 2.7 लाख
  • हनुमानगढ़ का बजट: 2.1 लाख

एक्सपर्ट व्यू--

  • समावेशी शिक्षा के तहत सीडब्ल्यूएसएन विद्यार्थी सामान्य स्कूलों में अध्ययन कर बेहतर परिणाम हासिल कर रहें हैं। विभाग स्तर पर इन बच्चों को विभिन्न प्रकार के भत्ते, परीक्षाओं में छूट और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। राज्य भर के संदर्भ कक्षों पर विभिन्न पुनर्वास विशेषज्ञों की ओर से फिजियोथैरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट तथा क्लिनिकल साईकॉलोजिस्ट की सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
  • -भूपेश शर्मा, समन्वयक, जिला दिव्यांगता प्रकोष्ठ, श्रीगंगानगर
Updated on:
27 Jun 2024 12:23 pm
Published on:
27 Jun 2024 12:23 pm