-पत्रिका ने समाचार प्रकाशित कर किसानों की आवाज को किया था बुलंद
-समर्थन मूल्य पर सरसों खरीद को लेकर सरकार ने जारी किए निर्देश
-पत्रिका ने समाचार प्रकाशित कर किसानों की आवाज को किया था बुलंद
हनुमानगढ़.
टाउन व जंक्शन मंडी में सरसों की सरकारी खरीद ने गति पकड़ ली है। तीन अप्रेल के बाद अभी तक टाउन में करीब 4000 व जंक्शन में 3500 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद की गई है। इसमें छह अप्रेल तक खरीदी गई फसल का भुगतान भी किसानों के खाते में कर दिया गया है। दोनों मंडियों में अभी दो दिन का बारदाना उपलब्ध है। इससे पहले यदि बारदाने की आवक नहीं हुई तो खरीद में फिर बाधा उत्पन्न हो सकती है। सरकार ने सरकारी खरीद में प्रति हेक्टेयर औसत खरीद सीमा में और बढ़ोतरी कर अब इसकी सीमा 22 क्विंटल 10 किलो प्रति हेक्टेयर कर दी है।
खरीद शुरू करने के शुरुआती दिनों में इसकी सीमा 13 क्विंटल 98 किलो निर्धारित की गई थी। जबकि जिले में उत्पादन काफी अच्छा हुआ है। किसानों की उक्त समस्या को लेकर पत्रिका ने 'सरकारी खरीद को मोतियाबिंद' शीर्षक से समाचार का प्रकाशन किया। इसके बाद सरकार ने इसकी सीमा 20 क्विंटल 97 किलो प्रति हेक्टेयर कर दी। हाल ही में तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगवाकर सरकार ने इसकी सीमा अब 22 क्विंटल 10 किलो कर दी है। इस संबंध में टोकन के सॉफ्टवेयर में संशोधित खरीद सीमा अपलोड हो गई है।
नए टोकन अब इसी आधार पर किसानों को जारी किए जाएंगे। क्रय-विक्रय सहकारी समिति हनुमानगढ़ के प्रबंधक बृजलाल जांगू ने बताया कि सभी केंद्रों पर सरसों की खरीद जारी है। भुगतान भी नियमानुसार कर रहे हैं। सरकार की ओर से रविवार से सरसों की सरकारी खरीद सीमा में बढ़ोतरी कर अब 22 क्विंटल 10 किलो कर देने से किसानों को राहत मिली है।