
श्रीगंगानगर.
समेजा नहर के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए काश्तकार रेग्यूलेशन कमेटी की बैठक के दौरान सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में धरना लगाकर बैठ गए।इनका आरोप था कि गत शुक्रवार शाम को समेजा नहर को चलते हुए बंद कर दिया और शनिवार को फिर से खोल दिया। वहीं रविवार रात तीन बजे इसको बंद कर दिया इससे शुक्रवार शाम से शनिवार शाम तक के सिंचाई बारी लगाने वाले काश्तकारों की बारी खाली चली गई। इनका कहना था कि अब शुक्रवार को नहर खोली जाए और जो वार डबल में खाली गए हैं उनकी भरपाई की जाए।
वहीं इससे पहले भी रेग्यूलेशन में गड़बड़ी होने से समेजा के काश्तकार प्रभावित हो चुके हैं। गंगनहर प्रोजेक्ट चेयरमैन शमीर सिंह बराड़ ने बताया कि समेजा और पीएस दोनों नहरें सोमवार को प्रभावित हुई हैं।समेजा नहर को शुक्रवार को बंद करने के बजाय इसे पानी के हिसाब से चला देते तो समेजा की डबल बारी नहीं मरती। वहीं पीएस को दो दिन पहले खोला गया जबकि पीएस में शुक्रवार और शनिवार पहले ही ज्यादा लगे हुए थे। ऐसे में अधिकारियों ने ये गलत कदम उठाकर समेजा के काश्तकारों को नुकसान पहुंचाया है। बराड़ ने ये भी बताया कि अब फिर से पानी घट गया है, ऐसे में शुक्रवार को समेजा के खुलने के आसार काफी कम है।
इससे समेजा के काश्तकारों के शुक्रवार और शनिवार के किसानों की डबल बारी खाली जाएगी। गंगनहर में पानी निर्धारण करने के लिए बुधवार को सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में अधिकारियों और नहर अध्यक्षों की बैठक हुई। बैठक में एसई अरुण सिडाना, एक्सईएन सुरेश सुथार, एईएन हिमांशु, गंगनहर चेयरमैन शमीर ङ्क्षसह बराड़, जीजी अध्यक्ष अमतेंद्र सिंह, बीबी के भूपेंद्र सिंह , समेजा के महावीर गोदारा, नरेंद्र सिंह, गुरबचन सिंह सहित समेजा के काश्तकार उपस्थित थे।