श्री गंगानगर

Rajasthan Crime : उड़ता श्रीगंगानगर, हर चार दिन में एक युवा को लील रहा है हेरोइन का जहर

Rajasthan Crime : श्रीगंगानगर जिला तेजी से नशे के गढ़ में तब्दील हो रहा है। जिला मुख्यालय से 22 किमी दूरी पर भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से हेरोइन की तस्करी ड्रोन से हो रही है।
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Rajasthan Crime Udta Sri Ganganagar every four days a youth is being swallowed by heroin poison
ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

सुरेन्द्र ओझा
Rajasthan Crime :
श्रीगंगानगर जिला तेजी से नशे के गढ़ में तब्दील हो रहा है। जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूरी पर भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से हेरोइन की तस्करी ड्रोन से हो रही है। वहीं आठ किमी दूर पंजाब की सीमा से यही हेरोइन युवाओं की नसों में ओवरडोज के रूप में जा रही है। हर चार दिन में एक युवा ओवरडोज नशे से जान गंवा रहा है। 17 से 30 वर्ष तक की आयु वर्ग के युवाओं में हेरोइन के इंजेक्शन लगाने के मामले ज्यादा आ रहे हैं। एक साल की अवधि में 300 युवाओं की जांच के दौरान यह साबित भी हुआ है।

मेडिकेटेड नशे के आंकड़े चौंकाने वाले

पुलिस रेकॉर्ड के अनुसार, जनवरी 2020 से मई 2025 तक नशे की दवाइयों की तस्करी के 316 मामले दर्ज किए। इसमें 17 लाख 67 हजार 655 गोलियां व कैप्सूल बरामद कर 730 आरोपियों को काबू किया गया।

ग्राफ पत्रिका

ड्रोन से इतनी हेराइन आई

वर्ष - मात्रा - कीमत करोड़ रुपए में
वर्ष 2017 - 02.00 - 10 करोड़
वर्ष 2020 - 09.00 - 45 करोड़
वर्ष 2021 - 01.40 - 15.20 करोड़
वर्ष 2022 - 11.40 - 55.20 करोड़
वर्ष 2023 - 19.16 - 95.80 करोड़
वर्ष 2024 - 23.47 - 117.38 करोड़
वर्ष 2025 मई तक - 05.10 - 25.50 करोड़
कुल मात्रा - 70.679 किलोग्राम, 353.39 करोड़ रुपए।

नशीला पदार्थ जब्त करता जवान। फोटो पत्रिका

डेढ़ साल में 389 करोड़ का नशा पकड़ा

जनवरी 2024 से लेकर मई 2025 तक 389 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय मूल्य के मादक पदार्थ और नशीली दवाएं पकड़ी गई हैं। इसमें 902 प्रकरण दर्ज कर 1337 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

बॉर्डर पार से आ रहा नशा…

पुलिस ने आठ साल में पाकिस्तानी ड्रोन से आई 70 किलो 769 ग्राम हेरोइन बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 353 करोड़ 39 लाख 50 हजार रुपए है। हेरोइन की डिलीवरी लेने के लिए 58 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

लोकल स्लीपरों की धरपकड़ जारी…

सीमा पार ड्रोन से हेरोइन की खेप लेने के लिए पंजाब ड्रग्स माफिया ने जाल बिछाया था, लेकिन लोकल स्लीपरों की धरपकड़ कर इस नेटवर्क को तोड़ रहे हैं। पुलिस ने सीमा संकल्प अभियान से नशा मुक्त जिला बनाने की मुहिम शुरू की है।
गौरव यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर

किशोरों से लेकर 30 साल के युवा गिरफ्त में

किशोरों से लेकर तीस साल की आयु वर्ग के युवाओं के हाथ में इंजेक्शन लगाने के मामले सामने आए हैं। परिजनों के दबाव में नशा छुड़वाने के लिए युवाओं को लाया जाता है, लेकिन निगरानी के अभाव में वे फिर से नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं।
डॉ. अशोक अरोड़ा, मनोरोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय, श्रीगंगानगर

Updated on:
14 Jul 2025 10:31 am
Published on:
14 Jul 2025 10:30 am
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