श्री गंगानगर

Rajasthan: बीमारी ठीक करने का झांसा देकर धर्म परिवर्तन का चल रहा था खेल, जर्मन दंपती को अपने घर ठहराने वाले पर केस

पूछताछ में सामने आया कि वार्ड 11 कच्ची थेड़ी निवासी राजेश कंबोज ने जर्मन दंपती को बिना अनुमति अपने यहां ठहराया हुआ था। दोनों विदेशी नागरिक करीब एक सप्ताह से यहीं रह रहे थे।
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धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में पकड़े गए जर्मन दंपती (फोटो-पत्रिका)

श्री गंगानगर। श्रीकरणपुर कस्बे के वार्ड 22 स्थित गुरुद्वारा श्रीनानक दरबार के निकट नवनिर्मित भवन में कथित धर्म परिवर्तन के मामले में एक आरोपी पर शनिवार को एक और मुकदमा दर्ज किया गया। वार्ड 11 कच्ची थेड़ी निवासी आरोपी पर जर्मन नागरिक दंपती को बिना आवश्यक अनुमति ठहराने का आरोप है।

एसआइ माला सिंह ने बताया कि जबरन धर्म परिवर्तन की शिकायत पर गुरुवार रात पुलिस ने वार्ड 22 स्थित उक्त भवन पर दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान वहां जर्मन दंपती स्वेन बोस बेट जलेर और सैंड्रा बेट जलेर सहित बलजिंद्रसिंह खोसा, एमएस मैथ्यू तथा राजेश कंबोज उर्फ पोपी को डिटेन किया गया।

बगैर अनुमति रह रहे थे विदेशी नागरिक

पूछताछ में सामने आया कि वार्ड 11 कच्ची थेड़ी निवासी राजेश कंबोज ने जर्मन दंपती को बिना अनुमति अपने यहां ठहराया हुआ था। दोनों विदेशी नागरिक करीब एक सप्ताह से यहीं रह रहे थे। इस पर आरोपी के खिलाफ विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 के तहत मामला दर्ज किया गया।

इस संबंध में राजस्थान पत्रिका ने 20 दिसंबर के अंक में ‘बिना अनुमति सीमा क्षेत्र में कैसे आए विदेशी… उनको शरण किसने दी?’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।

धर्म परिवर्तन का भी दर्ज है प्रकरण

इससे पहले 18 दिसंबर की रात सामने आए घटनाक्रम को लेकर राजेश कंबोज उर्फ पोपी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को भी मामला दर्ज किया गया था। वार्ड 14 निवासी शरद गुम्बर ने रिपोर्ट में बताया कि वार्ड 22 में गुरुद्वारा नानक दरबार के निकट एक भवन पर 'जेडब्ल्यू. ओआरजी' लिखा हुआ है, जहां कथित रूप से धर्म परिवर्तन की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आरोप है कि विदेशियों को बुलाकर लोगों को प्रलोभन देने और बीमारी ठीक करने का झांसा देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले में बलजिंद्र सिंह खोसा, केरल निवासी मैथ्यू व उसकी पत्नी तथा राजेश कंबोज उर्फ पोपी के खिलाफ धारा 3/5 राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2025, धारा 14-क भारतीय विदेशी अधिनियम और धारा 223 (बी) बीएनएस 2023 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों मामलों में जांच कर रही है।

Updated on:
20 Dec 2025 09:57 pm
Published on:
20 Dec 2025 09:57 pm