
श्रीगंगानगर.
दिल्ली सरायरोहिला-बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में शनिवार रात को हुई लूटपाट की घटना के बाद श्रीगंगानगर से बीकानेर ? व राजस्थान में अन्य स्थानों पर जाने वाली ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ दी गई है।इन ट्रेनों में आरपीएफ के जवान पहले से तैनात है और अब जीआरपी ने भी दो जवान तैनात कर दिए हैं। जबकि दिल्ली से यहां आने वाली ट्रेनों में अभी तक सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। हालांकि उत्तररेलवे के अधिकारियों ने ट्रेनों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधन करने का दावा किया है।
आरपीएफ व जीआरपी के पुलिसकर्मियों ने बताया कि श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन से बीकानेर की तरफ जाने वाली ट्रेनों में आरपीएफ के दो हथियारबंद जवान हमेशा से ही जाते हैं। ट्रेन में जींद के समीप हुई लूट की बड़ी वारदात के बाद अब जीआरपी ने भी बिना गार्ड के जाने वाली ट्रेनों में अपने गार्ड लगा दिए हैं। यह गार्ड, सूरतगढ़, हनुमानगढ़, अबोहर व ोटा की तरफ जाने वाली टे्रनों में लगाए गए हैं। जबकि दिल्ली से यहां आ रही टे्रनों में आरपीएफ के सुरक्षा गार्ड नहीं आ रहे हैं। पहले भटिंडा से चलने वाले गार्ड श्रीगंगानगर तक आते थे लेकिन अब भटिंडा से चलने वाले गार्ड अबोहर में ही टे्रन को खाली छोड़ देते हैं।
वारदातों के बाद भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं
- जीआरपी व आरपीएफ के पुलिसकर्मियों ने बताया कि जींद से आगे भटिंडा तक टे्रनों में कई बार सामान चोरी व लूटपाट की वारदात हो चुकी है। इस इलाके में कई वारदात होने के बाद भी यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं गए हैं, जिसके चलते बदमाशों के हौंसले बुलंद है और वे बार-बार वारदात कर जाते हैं।
एक सप्ताह पहले भी हुई थी वारदात
- जींद रेलवे स्टेशन से निकलने के बाद इसी ट्रेन में करीब सात-आठ दिन पहले भी एसी कोचों में लूटपाट की वारदात हुई थी। इस दौरान बदमाश हथियारों के बल पर यात्रियों के सोने-चांदी के जेवर, नकदी सहित अन्य सामान लूटकर ले गए थे। इसके बाद भी रेलवे प्रशासन, आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारी नहीं चेते और शनिवार रात को फिर एक ओर वारदात को बदमाशों ने अंजाम दिया।
इनका कहना है
- वारदात के बाद ट्रेन में आरपीएफ व जीआरपी के जवानों को मुस्तैद कर दिया गया है। वहीं पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है। इस वारदात को रेलवे ने गंभीरता से लिया है। आरपीएफ के अधिकारी इसकी गहनता से जांच कर रहे हैं। ट्रेन में गार्ड थे या नहीं इसकी भी जांच चल रही है। वारदातों को रोकने के लिए आरपीएफ मुस्तैद है।
नितिन चौधरी, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे दिल्ली।