
श्रीगंगानगर। श्रीविजयनगर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए मतदान के दौरान सोमवार को विवाद की स्थिति बन गई। कांग्रेस के पार्षदों को कथित तौर पर बीच रास्ते से उठाए जाने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, विवाद के बाद बैरिकेडिंग के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इस दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाला। विवाद के दौरान एक पुलिसकर्मी के सिर पर चोट लगने की भी सूचना है। वहीं अध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक पहले फायरिंग की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
कांग्रेस पार्षदों को बीच रास्ते से उठाए जाने के आरोप के बाद समर्थकों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध जताने लगे। देखते ही देखते पुलिस और लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। बैरिकेडिंग तोड़ने के प्रयास के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे हटाया। मौके पर स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
श्रीबिजयनगर नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस से सुशील कुमार मिड्ढा (बिट्टू) और भाजपा से राजेंद्र कुमार लेघा मैदान में हैं। दोनों दल अपने-अपने पक्ष में बहुमत का दावा कर रहे है। ऐसे में चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई है। नगरपालिका में कुल 25 वार्ड है। अध्यक्ष पद के चुनाव में बहुमत के लिए 13 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। चुनाव परिणाम में कांग्रेस के 11, भाजपा के 10 और चार निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कांग्रेस प्रत्याशी सुशील मिड्ढा (बिट्टू) के पक्ष में पार्टी ने बहुमत होने का दावा किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनके पास आवश्यक संख्या से अधिक पार्षदों का समर्थन है। पार्टी की ओर से पार्षदों को एकजुट रखने और मतदान तक रणनीति बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र कुमार लेघा के समर्थन में पार्टी ने 25 में से 15 पार्षदों के साथ होने का दावा किया है।