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राजस्थान में पाक हैंडलर शहजाद भट्टी के स्लीपर नेटवर्क का भंडाफोड़, 3 युवक गिरफ्तार; ग्रुप के 34 नए सदस्य रडार पर

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी का कथित नेटवर्क तैयार करने की कोशिश का खुलासा हुआ है।
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श्री गंगानगर

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Anil Prajapat

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Updated: 8 Nov 2026, 8:46 AM IST

Shahzad Bhatti

पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी। पत्रिका फाइल फोटो

श्रीगंगानगर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी का कथित नेटवर्क तैयार करने की कोशिश का खुलासा हुआ है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर रायसिंहनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों युवक सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानीय स्तर पर लोगों को जोड़कर पाकिस्तानी हैंडलर के लिए स्लीपर नेटवर्क तैयार करने में जुटे थे।

इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बनाया और उसमें 34 नए लोगों को सदस्य बनाया। गिरफ्तार युवकों की पहचान सुमित शर्मा पुत्र राजेश शर्मा निवासी एक एनजेडपी, गणेश नायक पुत्र रामस्वरूप नायक निवासी एक एनजेडपी तथा निखिल जाट पुत्र विनोद कुमार निवासी गोमांवाली के रूप में बताई गई है।

रायसिंहनगर पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से लगातार संपर्क किया जा रहा था। जांच एजेंसियां अब ग्रुप में शामिल लोगों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इस कथित नेटवर्क का हिस्सा बनाने की कोशिश की जा रही थी।

मोटा कमीशन देकर जाल में फंसाने की आशंका

इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू कम उम्र के किशोर-किशोरियों को कथित नेटवर्क से जोड़ने की आशंका है। पुलिस जांच में 14 से 19 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों को नेटवर्क में शामिल करने के बदले मोटा कमीशन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि पंजाब के मादक पदार्थों के तस्करों के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी के लिए यह नेटवर्क तैयार किया जा रहा था।

जांच एजेंसियों को संदेह है कि युवाओं को आर्थिक लालच देकर अपने संपर्क में लाने और बाद में उन्हें देशविरोधी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि युवाओं को किस तरह संपर्क किया गया और उन्हें नेटवर्क से जोड़ने में किन लोगों की भूमिका रही।

34 नए सदस्यों की पहचान में जुटी पुलिस

पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने बताया कि पकड़े गए तीनों युवकों से पूछताछ की जा रही है। सोशल मीडिया ग्रुप में 34 नए सदस्यों के नाम सामने आए हैं। इन सभी के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नेटवर्क से जोड़ने के मामले की भी जांच की जा रही है। एसपी के मुताबिक, कम उम्र के युवाओं को ऐसे नेटवर्क में शामिल करने की कोशिशें इलाके के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। पुलिस खुफिया एजेंसियों से मिलने वाले इनपुट के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाने और उसे ध्वस्त करने के प्रयास कर रही है। बॉर्डर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

पंजाब के नशा तस्करों से संपर्क की भी जांच

पकड़े गए युवकों की पृष्ठभूमि पंजाब के मादक पदार्थों के तस्करों से जुड़ी होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि इस संबंध में पुलिस पकड़े गए आरोपियों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने फिलहाल इन युवकों की भूमिका को रामसिंहपुर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट प्रकरण से जुड़ा हुआ नहीं माना है। हालांकि, गहन पूछताछ और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

पहले भी पकड़े जा चुके है भटटी के गुर्गे

पाकिस्तान से संचालित आइएसआइ पोषित आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क की कड़ियां राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ तक पहुंचने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। हनुमानगढ़ के किशनपुरा दिखनादा निवासी जसवंत उर्फ सोनू की गिरफ्तारी राजस्थान की पहली कड़ी बनी। अंबाला में दो किलो विस्फोटक के साथ भट्टी नेटवर्क से जुड़े तीन युवकों की गिरफ्तारी के बाद हनुमानगढ़ पुलिस ने जसवंत को पकड़ा। इसके बाद सुनील उर्फ धोलू और कृश उर्फ शान भी गिरफ्तार हुए। आरोप है कि कृश ने हनुमानगढ़ टाउन और रायसिंहनगर थानों की रेकी कर वीडियो भट्टी तक पहुंचाए। वहीं लालगढ़ जाटान पुलिस ने सैन्य छावनी के निकट केरा गांव से आकाशदीप को गिरफ्तार किया था।