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Rajasthan News: ये दस्तावेज एक्सपायर हुए तो नहीं बेच सकेंगे वाहन, परिवहन मंत्रालय ने शुरू की नई व्यवस्था

वाहन का बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी), फिटनेस या रजिस्ट्रेशन से जुड़ा दस्तावेज एक्सपायर होने के बाद रिन्यू नहीं कराने की लापरवाही वाहन मालिकों पर भारी पड़ सकती है।
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जयपुर

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Anil Prajapat

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विजय शर्मा

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Updated: 8 Nov 2026, 8:15 AM IST

Vehicle Document Expiry Alert

डिजिटल रिकॉर्ड की नई व्यवस्था शुरू। फोटो: एआई

विजय शर्मा

जयपुर। वाहन का बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी), फिटनेस या रजिस्ट्रेशन से जुड़ा दस्तावेज एक्सपायर होने के बाद रिन्यू नहीं कराने की लापरवाही वाहन मालिकों पर भारी पड़ सकती है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन पोर्टल पर डिजिटल रिकॉर्ड की नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत दस्तावेजों की वैधता खत्म होने पर वाहन मालिकों को एसएमएस अलर्ट भेजा जा रहा है।

राजस्थान में एक लाख से अधिक वाहन मालिकों को एसएमएस अलर्ट भेजे गए हैं। इनमें जयपुर के करीब 25 हजार वाहन मालिक शामिल है। निर्धारित समय में दस्तावेज रिन्यू नहीं कराने पर पोर्टल पर वाहन का स्टेटस बदलकर उसे आर्काइव श्रेणी में डाला जा सकेगा। आर्काइव श्रेणी में पहुंचने के बाद वाहन की खरीद-फरोख्त और मालिकाना हक का ट्रांसफर नहीं हो सकेगा।

जल्द फेसलेस होंगे वाहन और लाइसेंस

परिवहन मंत्रालय ने वाहन और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को फेसलेस बनाने की तैयारी की है। नई प्रक्रिया 20 नवंबर तक एनआईसी पोर्टल पर लागू की जाएगी। इसके बाद लाइसेंस नवीनीकरण, डुप्लीकेट लाइसेंस, नाम परिवर्तन और इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। वाहन की आरसी से जुड़ी सेवाएं, हाइपोथिकेशन समाप्ति और टूरिस्ट व नेशनल परमिट की प्रक्रिया भी डिजिटल होगी।

चार श्रेणियों में दिखेगा वाहन का स्टेटस

नई व्यवस्था में वाहनों को दस्तावेजों की स्थिति के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा जाएगा। पहली एक्टिव-कम्प्लायंट श्रेणी में सभी दस्तावेज वैध होने पर वाहन रहेगा। किसी एक दस्तावेज की वैधता समाप्त होने पर एक्टिव-नॉन कम्प्लायंट श्रेणी में दर्ज होगा। लंबे समय तक दस्तावेज अपडेट नहीं कराने पर वाहन को अस्थायी आर्काइव में डाला जा सकेगा। निर्धारित अवधि तक लापरवाही जारी रहने पर स्थायी आर्काइव की श्रेणी में पहुंच सकता है। ऐसे वाहनों का स्टेटस दोबारा एक्टिव कराने के लिए डिजिटल और मैनुअल सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना होगा।