-सबला योजना के तहत मिली विशेष किट-आंगनबाड़ी केंद्रों पर किया जा रहा वितरित
श्रीगंगानगर.
महिलाओं सशक्त करने के उद्देश्य से गठित महिला अधिकारिता विभाग ने अब किशोरियों के लिए विशेष योजना शुरू की है। इसके तहत शहरी क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों पर अठारह वर्ष तक की किशोरियों के लिए किट उपलब्ध करवाई गई है। यह किट उन किशोरियों के लिए हैं जो स्कूल नहीं जा पा रही। इन किशोरियों को इस किट के माध्यम से भोजन में पोषक तत्वों सहित कई तरह की जानकारियां दी जाएंगी। इसके साथ ही ये किशोरियां चित्र बनाकर अथवा कार्ड बोर्ड आदि से अलग-अलग मॉडल बनाकर भी ज्ञानवद्र्धन कर सकती है। यह किट सबला योजना के तहत उपलब्ध करवाई गई है।
यह सामग्री है किट में
किट में एक विशेष प्रकार का खेल है जिसे एक व्यक्ति अकेला खेलकर कई जानकारियां अर्जित कर सकता है। इसके साथ ही किट में स्केल, टेप, रंग, कार्ड के टुकड़े, मोती, पेंसिल, रबड़ आदि को शामिल किया गया है। किट में शामिल खेल में खास बात यह है कि इसमें एक प्रश्न को इंगित करने के बाद इससे संबंधित उत्तर उस गेम की व्यवस्थाओं के अनुरूप स्वत: ही सामने आ जाता है।
किशोरियों में बढ़ती है क्रियात्मकता
इस किट में ऐसी सामग्री शामिल की गई है जिससे कि किशोरियों में क्रियात्मकता बढ़ती है। इसके तहत किशोरियां किट में दिए गए मोतियों से माला बना सकती है। रंगों से चित्रों को निर्माण कर सकती है तथा गेम के माध्यम से भोजन के पोषक तत्वों सहित कई तरह की जानकारियां प्राप्त कर सकती है। अब तक करीब तीन सौ से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों पर यह किट भिजवा दी गई है।
यह सबला योजना
उल्लेखनीय है कि किशोरियों के सशक्तीकरण के लिए यह योजना वर्ष 2000-2001 में चयनित पिछड़े जिलों में लागू की गई थी लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ाते हुए इसे वर्ष 2011 में सभी जिलों में लागू कर दिया गया है। इसके तहत 11 वर्ष से 18 वर्ष तक की बालिकाओं के प्रति पोषण, प्रशिक्षण और जागरुकता को बढ़ावा दिया जाता है।
केंद्रों पर भिजवाई किट
किशोरियों के पोषण को बढ़ावा देने के लिए विशेष किट प्राप्त हुई है। यह आंगनबाड़ी केंद्रों पर भिजवाई गई है। इसमें किशोरियों में क्रियाशीलता को बढ़ावा देने वाली सामग्री यानी ऐसी वस्तुएं हैं जिससे किशोरियां कुछ नई वस्तुओं का निर्माण कर सकती हैं। इनमें रंग, एक विशेष खेल, मोती आदि शामिल हैं।
-विजय कुमार, सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता विभाग