संतोष बाई और तुलसीराम नीमच से श्रीगंगानगर आने के लिए बस या ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा लेते थे। दोनों आरोपी पकड़े जाने से पहले श्रीगंगानगर में कई किलो अफीम की डिलीवरी कर चुके हैं।
श्रीगंगानगर। पुरानी आबादी में जिला विशेष टीम (डीएसटी) व पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में 6 किलो अफीम सहित पकड़े गए जीजा-साला के मामले में सदर पुलिस ने अब नीमच से अफीम की सप्लाई देने वाले एक आरोपी को उसकी महिला मित्र के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी हनुमानगढ़ जेल में बंद थे, अदालत के प्रोडक्शन वांरट पर उन्हें काबू किया गया है।
जांच अधिकारी सदर सीआई सुभाष ढिल ने बताया कि मध्यप्रदेश के नीमच से श्रीगंगानगर में अफीम की सप्लाई देने आई महिला एमपी के राजगढ़ की रहने वाली संतोष बाई पत्नी शिव सिंह और उसके दोस्त तुलसीराम उर्फ रोनी पुत्र डूंगरराम नायक को हनुमानगढ़ जेल से पकड़कर लाए।
दोनों को अदालत में पेश कर पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि प्रत्येक डिलीवरी की एवज में उन्हें 20 हजार रुपए का कमीशन मिलता था। नीमच से अफीम एक लाख तीस हजार रुपए में खरीदकर श्रीगंगानगर में डेढ़ लाख रुपए प्रति किलो की दर से बेचते थे। अफीम में करीब 20 प्रतिशत मिलावट भी करते ताकि आने-जाने का खर्चा भी निकल सके।
संतोष बाई और तुलसीराम नीमच से श्रीगंगानगर आने के लिए बस या ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा लेते थे। दोनों आरोपी पकड़े जाने से पहले श्रीगंगानगर में कई किलो अफीम की डिलीवरी कर चुके हैं। दोनों आरोपियों ने नीमच से जिन लोगों से अफीम की खरीद फरोख्त की थी, उनके की जांच करने के लिए सदर पुलिस की टीम जाएगी।
पुरानी आबादी पुलिस ने पुरानी आबादी वार्ड आठ ईदगाह के पास रहने वाले मनदीप सिंह व उसके साले बलदेव सिंह को काबू किया था। इन दोनों ने शहर में अफीम के सेवन करने वाले लोगों को उनके घर पर अफीम पहुंचाना शुरू कर धंधा दोगुना कर दिया था।
पुलिस ने इन दोनों को काबू किया, तब तक नीमच से आई महिला और उसका पुरुष मित्र यहां से हनुमानगढ़ की ओर से रवाना हो चुके थे। पुलिस दल ने हनुमानगढ़ पुलिस से मदद मांगी और बस को रोककर दोनों को काबू किया। दोनों को अदालत के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। ऐसे में सदर पुलिस अब हनुमानगढ़ जेल से इन दोनों को लेकर आई है।