
श्रीगंगानगर के सादुलशहर स्थित बाल भारती स्कूल में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। आरोप लगाया जा रहा है कि स्कूल परिसर में पानी पीने के दौरान कक्षा पांचवीं के 9 साल के छात्र देवांश की वाटर कूलर से करंट लगने से मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिवार में आक्रोश है। उनका आरोप है कि स्कूल में लगे वाटर कूलर में पहले से करंट आने की समस्या थी और इसकी शिकायत भी की गई थी। वहीं अब परिजनों ने बच्चे के शव को लेने से इनकार कर दिया है।
वार्ड 23 के रहने वाले भूपेन्द्र मेहरा का बेटा देवांश बाल भारती स्कूल में कक्षा पांचवीं में पढ़ता था। परिजनों के अनुसार, वह पिछले करीब चार महीने से टूर्नामेंट की तैयारी के लिए रोज शाम स्कूल में अभ्यास करने जाता था। सोमवार शाम अभ्यास के दौरान वह पानी पीने के लिए वाटर कूलर के पास गया। आरोप है कि कूलर में करंट प्रवाहित हो रहा था। जैसे ही देवांश ने पानी पीने की कोशिश की, वह करंट की चपेट में आ गया। हादसे में उसका पैर भी जल गया। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
देवांश की मां और उसके 12 साल के भाई का आरोप है कि वाटर कूलर में करंट आने की शिकायत पहले ही स्कूल प्रबंधन से की गई थी। उनका कहना है कि अगर समय रहते कूलर की जांच करवाकर खराबी दूर कर दी जाती तो हादसा टाला जा सकता था। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और हादसे की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मौत के बाद बच्चे के शव को चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों ने कहा है कि जब तक मामले में कार्रवाई नहीं होती, वे बच्चे का शव नहीं लेंगे। वहीं, स्कूल संचालक सर्वजीत सिंह सरां ने बच्चे को करंट लगने के आरोपों को निराधार बताया है। ऐसे में अब पूरे मामले की जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।