श्री गंगानगर

श्रीगंगानगर में छात्रा से बदसलूकी और मारपीट मामले में हॉस्टल संचालक दोषी करार, कोर्ट का बड़ा फैसला

श्रीगंगानगर विशेष अदालत (महिला अत्याचार) ने 5 साल पुराने मामले में डॉ. राधाकृष्णन गर्ल्स हॉस्टल के संचालक डॉ. केएल यादव को छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट का दोषी करार देते हुए डेढ़ साल के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। पीड़िता साल 2017 से हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
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छात्रा से बदसलूकी और मारपीट मामले में कोर्ट का फैसला (पत्रिका फाइल फोटो)

श्रीगंगानगर: डॉ. राधाकृष्णन गर्ल्स कॉलेज एवं हॉस्टल के संचालक डॉ. केएल यादव को छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट के पांच साल पुराने मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। श्रीगंगानगर विशिष्ट न्यायाधीश (महिला अत्याचार एवं उत्पीड़न) डॉ. सरिता स्वामी ने 28 सितंबर को फैसला सुनाते हुए डॉ. यादव को डेढ़ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। फैसले की प्रमाणित प्रति मिलने के बाद पीड़िता पक्ष को सजा का पूरा विवरण सामने आया है।

तीन धाराओं में डेढ़-डेढ़ साल की सजा

पीड़िता के अधिवक्ता जितेंद्र पाराशर ने बताया कि अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354 (क) और 354 (क) (द्वितीय) के तहत प्रत्येक में डेढ़-डेढ़ वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना जमा नहीं कराने पर प्रत्येक धारा में दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, धारा 323 के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के आदेश दिए हैं।

20 माह न्यायिक हिरासत में रह चुके हैं डॉ. यादव

अधिवक्ता के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान डॉ. यादव करीब 20 माह न्यायिक हिरासत में रह चुके हैं। यह अवधि अदालत से सुनाई गई सजा की अवधि से अधिक है। फैसले के समय डॉ. यादव जमानत पर थे।

2017 से हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी छात्रा

मामला वर्ष 2021 में दर्ज हुआ था। हरियाणा के सिरसा जिले की रहने वाली 22 वर्षीय छात्रा जुलाई 2017 से श्रीगंगानगर के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। पीड़िता के बयान के अनुसार, घटना के दिन डॉ. यादव उसे लक्ष्मीनगर स्थित पुराने भवन इंडियन एकेडमी में एसी चेक करवाने के बहाने ले गए। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद डॉ. यादव ने दरवाजा अंदर से बंद कर छात्रा के साथ छेड़छाड़ की और मारपीट की। छात्रा किसी तरह वहां से निकलकर हॉस्टल पहुंची और अपनी सहेलियों को घटना की जानकारी दी।

पिता के साथ महिला थाने पहुंचकर दर्ज कराई रिपोर्ट

परिजनों के श्रीगंगानगर पहुंचने के बाद छात्रा ने 31 अगस्त 2021 को अपने पिता के साथ महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 376/511 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने डॉ. केएल यादव को संबंधित धाराओं में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

Updated on:
07 Oct 2026 02:59 pm
Published on:
07 Oct 2026 02:59 pm